लीजिये, विधानसभा में बोतल मामले में पुलिस ने कर ही दिया बड़ा खुलासा: कुर्ता-पैजामा वाला शख्स मीडिया को बुलाकर वहां ले गया था, थाने में केस दर्ज

लीजिये, विधानसभा में बोतल मामले में पुलिस ने कर ही दिया बड़ा खुलासा: कुर्ता-पैजामा वाला शख्स मीडिया को बुलाकर वहां ले गया था, थाने में केस दर्ज

PATNA: बिहार के डीजीपी एसके सिंघल द्वारा खुद झाड़ियों में घुस-घुस कर विधानसभा परिसर में शराब की बोतलें खोजने के बाद पुलिस ने सुराग पा ही लिया है। पुलिस को पता चला है कि जहां शराब की बोतलें पड़ी थी, वहां तक मीडिया वालों को बुलाकर एक कुर्ता पैजामा वाला शख्स ले गया था। उस शख्स की तलाश की जा रही है। वैसे फोरेंसिंक जांच के बाद उत्पाद विभाग के खास लैब में शराब की खाली बोतलों की जांच पड़ताल जारी है औऱ पटना की सचिवालय पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।


सचिवालय में थाने में केस

बिहार विधानसभा परिसर में मंगलवार को शराब की खाली बोतलें मिली थीं. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जब सदन में ये मामला उठा दिया तो उसके बाद तो सरकार ही हिल गयी. नीतीश कुमार बोले थे-शराब की बोतल वालों को छोडेंगे नहीं. नीतीश कुमार ने जब फरमान सुनाया तो बिहार के डीजीपी एसके सिंघल खुद झाड़ियों में घुसकर शराब की बोतल तलाश रहे थे. आज जानकारी दी गयी कि इस मामले में पटना पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है. पटना के सचिवालय थाने के थानेदार चंद्रभूषण प्रसाद गुप्ता के बयान पर विधानसभा परिसर में शराब की बोतल मिलने का केस दर्ज किया गया है. FIR में इंस्पेक्टर ने लिखा है कि विधानसभा कैंपस में स्टाफ बाइक पार्किंग और एनेक्सी के पास कूड़ा रखा था. कूड़े में ही शराब की 3 खाली बोतलें और 2 टेट्रा पैक मिले हैं. 


फोरेंसिक जांच के लिए कोर्ट से लिया जायेगा आदेश

पुलिस ने अपने एफआईआर में कहा है कि विधानसभा कैंपस में शराब की खाली बोतल और टेट्रा पैक मिलने की सूचना मिलने के बाद थाने की टीम वहां गयी थी औऱ फिर खाली बोतल और टेट्रा पैक को जब्त किया गया था. कल ही डीजीपी ने कहा था कि वे शराब की खाली बोतल की पहले फोरेंसिक जांच करायेंगे और फिर उत्पाद विभाग के स्पेशल लैब से भी जांच करायेंगे. सचिवालय थाना पुलिस के मुताबिक कोर्ट से आदेश लेकर इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जायेगा. फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR नंबर दर्ज की गई है. सचिवालय थाने के सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार को इस केस का आईओ बनाया गया है. 


कौन था कुर्ता पैजामा वाला व्यक्ति 

फर्स्ट बिहार ने कई रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों से बात की. उनका कहना था कि दिखावटी कार्रवाई है. किसी को पता नहीं कि बोतल कब फेंकी गयी. जहां बोतल मिली है वहां कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा है. जो बोतल बरामद हुई है उस पर काफी मिट्‌टी जमी है. देखकर ही लग रहा है कि काफी पुरानी बोतल है. फिर उसके फोरेंसिक जांच से क्या मिलेगा. फिंगर प्रिंट मिलने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता. फिर क्या औऱ किस कारण फोरेंसिंक जांच औऱ उत्पाद विभाग के लैब में जांच होगी. 


बोतलें जितनी पुरानी है उसे देखकर लगता है कि ये महीनों पहले का काम है. वहां कैमरा तो नहीं लगा है लेकिन विधानसभा परिसर में दूसरे स्थानों पर कैमरे लगे हैं. क्या पुलिस उन दर्जनों कैमरों के महीनों के फुटेज को देखेगी. उसमें कितना समय औऱ कितने आदमी लगेंगे. उसमें हासिल क्या होगा इसका कुछ पता नहीं.


वैसे सचिवालय थाना पुलिस से जुडे सूत्रों के मुताबिक इस मामले में एक कुर्ता पैजामा वाले आदमी की तलाश की जा रही है. पुलिस कह रही है कि एक कुर्ता पैजामा पहने आदमी ने ही सबसे पहले शराब  की बोतलों को देखा था औऱ वही वहां पर मीडिया वालों को बुलाकर ले गया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुर्ता पैजामा वाले ने ही  हल्ला किय और फिर मीडिया को वहां तक ले गया. यह शख्स कौन है? उसकी पहचान क्या है? पुलिस उसकी पड़ताल करने में लगी है.