लैंड फॉर जॉब मामले में पेशी के बाद पटना लौटे लालू यादव, मीडिया से बनाई दूरी

लैंड फॉर जॉब मामले में पेशी के बाद पटना लौटे लालू यादव, मीडिया से बनाई दूरी

PATNA : लैंड फॉर जॉब केस में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को नियमित जमानत दे दी है। लालू, राबड़ी समेत लैंड फॉर जॉब केस के 6 आरोपियों ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। इसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सभी आरोपियों को जमानत दे दी है।  इसके बाद अब लालू यादव पटना लौट आए हैं। जहां जो पत्रकारों से दूरी बनाते हुए नजर आए। 


दरअसल, दिल्ली से पटना आए राजद सुप्रीमो लालू यादव से पत्रकारों ने यह सवाल किया कि कल जेपी नड्डा पटना आए थे और उन्होंने एक बार फिर से कहा कि जितनी भी छोटी पार्टी है सभी खत्म हो जाएगी। लेकिन लालू यादव ने सवाल को अनुसना कर दिया। उसके बाद पत्रकारों ने आप नेता संजय सिंह से जुड़ा सवाल किया जिसके बाद लालू ने कुछ बोलना तो चाहा लेकिन फिर वो रूक गए तो बिना कुछ बोले गाड़ी में बैठ राबड़ी आवास रवाना हो गए। 


जानकारी हो कि, सीबीआई ने लैंड फॉर जॉब घोटाले के मामले में इसी साल 18 मई को केस दर्ज किया था। लालू पर आरोप है कि इन्होंने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनकी जमीन लिखवा ली थी। इसके बाद इसमें 3 जुलाई को सीबीआई ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी।   तब सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि उसे गृह मंत्रालय से लालू यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस चलाने की अनुमति मिल गई है।  


उधर, रेलवे में नौकरी के बदले रिश्वत में जमीन लेने के आरोपों के मामले में सीबीआई जांच कर रही है। जबकि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी जांच कर रही है।  सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी।  इस मामले में लालू यादव के करीबी व पूर्व विधायक भोला यादव और हृदयानंद चौधरी भी अभियुक्त हैं।   आरजेडी नेता लालू यादव के ओएसडी रहे भोला यादव को सीबीआई ने 27 जुलाई को गिरफ्तार किया था. भोला 2004 से 2009 के बीच तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के ओएसडी थे।