ब्रेकिंग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पिस्टल लहराकर जान से मारने की धमकी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज किया केसबिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव की तबीयत बिगड़ी, मेदांता में मिलने पहुंचे नीतीश कुमारभरत तिवारी एनकाउंटर के आरोपी DSP की पोस्टिंग पर मंत्री मदन सहनी नाराज, कहा..ये जख्मों को कुरेदने जैसाबांकीपुर उपचुनाव में उतरेंगे प्रशांत किशोर! 5 जुलाई को हो सकती है औपचारिक घोषणाडबल मर्डर केस में मां और उसके प्रेमी को फांसी की सजा, कोर्ट ने माना रेयर ऑफ द रेयरेस्ट मामलामुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पिस्टल लहराकर जान से मारने की धमकी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज किया केसबिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव की तबीयत बिगड़ी, मेदांता में मिलने पहुंचे नीतीश कुमारभरत तिवारी एनकाउंटर के आरोपी DSP की पोस्टिंग पर मंत्री मदन सहनी नाराज, कहा..ये जख्मों को कुरेदने जैसाबांकीपुर उपचुनाव में उतरेंगे प्रशांत किशोर! 5 जुलाई को हो सकती है औपचारिक घोषणाडबल मर्डर केस में मां और उसके प्रेमी को फांसी की सजा, कोर्ट ने माना रेयर ऑफ द रेयरेस्ट मामला

आइशी घोष बनीं JNU छात्रसंघ की अध्यक्ष, स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन में लेफ्ट ने किया क्लीन स्वीप 

DELHI : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव परिणाम घोषित कर दिया गया है. यूनाइटेड लेफ्ट पैनल की आइशी घोष (एसएफआई) नई जेएनयूएसयू प्रेजिडेंट चुनी गई हैं. लेफ्ट यूनिटी सभी चार

FirstBihar
Admin
2 मिनट
DELHI : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव परिणाम घोषित कर दिया गया है. यूनाइटेड लेफ्ट पैनल की आइशी घोष (एसएफआई) नई जेएनयूएसयू प्रेजिडेंट चुनी गई हैं. लेफ्ट यूनिटी सभी चार पदों पर जीत हासिल करने में कामयाब रहा है. आइशी घोष अध्यक्ष, साकेत मून उपाध्यक्ष, महासचिव पद पर सतीश चंद्र यादव जबकि मोहम्मद दानिश संयुक्त सचिव चुने गए हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान परिणाम घोषित करने की इजाजत दे दी थी. हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में परिणाम न जारी करने का आदेश जेएनयू के दो छात्रों की ओर से दाखिल याचिका पर दिया था. याचिका में आरोप लगाया गया था कि चुनाव समिति ने लिंग्दोह कमेटी की सिफारिशों की अनदेखी करके छात्रसंघ का चुनाव कराया है. बता दें कि अंशुमान दुबे और अनुज कुमार द्विवेदी ने याचिका में जेएनयूएसयू का चुनाव लिंग्दोह कमेटी की सिफारिशों के तहत कराने की मांग की थी. इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने जेएनयू प्रशासन इलेक्शन कमेटी और मामले से जुड़े सभी पक्षों को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए निर्देश दिए थे. लेकिन कोर्ट ने सोमवार को जेएनयू प्रशासन के जवाब के बाद याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया. हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि आपकी जानकारी के बाद हमने चुनाव नतीजों पर रोक लगाई थी. लेकिन, आपकी जानकारी सही नहीं थी. जेएनयू ने कहा कि GRC (ग्रीवांस रिड्रेसल सेल) ने पिछला चुनाव 30 काउंसलर के साथ कराया था. जबकि इस बार बार 46 काउंसलर के साथ कराया है. याचिकाकर्ता का ये कहना कि 55 काउंसलर के साथ ही पिछले चुनाव होते आए हैं, पूरी तरह से ग़लत है.
रिपोर्टिंग
7

रिपोर्टर

7

FirstBihar संवाददाता