1st Bihar Published by: Updated Nov 19, 2019, 10:27:57 AM
- फ़ोटो
BAXAR: आधुनिक युग में जब जमाना विकास की ओर इतना आगे बढ़ गया है, महिलाओं के प्रति लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है. लेकिन अभी भी कुछ लोग ऐेसे हैं जिनकी मानसिकता बदलने को तैयार नहीं है. आज के जमाने में लड़की की पहचान उसके रंग से नहीं होती है, बल्कि उसके गुण और स्वाभाव से की जाती है, लेकिन फिर भी हमारे समाज के कुछ लोगों की सोच आज भी बहुत छोटी है.
मामला बक्सर का है, जहां गोरी पत्नी नहीं मिलने पर एक युवक अपनी पत्नी को तलाक देना चाहता है. हद तो ये है कि उसकी शादी को दो साल हो चुके हैं, और अब जाकर वो अपनी पत्नी के डार्क कॉम्पलेक्शन पर सवाल उठाते हुए उससे अलग होना चाहता है. आरा की रहने वाली नूरसब्बा खातून ने बताया कि बक्सर के सनौवर अंसारी से उसकी शादी 25 नवंबर 2017 को हुई थी. करीब एक महीने शौहर के साथ रहने के बाद नूर कुछ दिनों के लिए अपने मायके आ गई. ससुराल वापस जाने के लिए जब पति को फोन किया गया तो उसने पत्नी का रंग काला होने की बात कहकर उसे अपने साथ ले जाने से इनकार कर दिया.
जिसके बाद यह मामला बिहार राज्य महिला आयोग में पहुंचा. आयोग में जब दोनों को बुलाया गया तब लड़के ने बताया कि उसे धोखे में रखकर शादी की गई थी. उसने कहा कि गोरी लड़की बताकर काली लड़की से उसका निकाह कर दिया गया. निकाह के बाद उसे पता चला कि उसकी पत्नी काली है और इसी वजह से वह उसके साथ नहीं रहना चाहता है. वहीं नूर अपने शौहर के साथ ही रहना चाहती है. फिलहाल आयोग ने दोनों के रिश्ते को एक और मौका देते हुए दोनों को अगले महीने की 30 तारीख को बुलाया है.