1st Bihar Published by: DEV KUMAR PANDEY Updated Fri, 27 Sep 2019 06:03:04 PM IST
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PATNA: संशोधित मोटर वाहन कानून के तहत वाहन चेकिंग के दौरान पब्लिक को प्रताड़ित करने के खिलाफ दायर हुई जनहित याचिका को सुनते हुए पटना हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है.
न्यायमूर्ति शिवाजी पांडेय और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की खंडपीठ ने राजेश सिंह की जनहित याचिका को सुनते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वाहन के लाइसेंस और कागजातों की जांच के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्यूर (एसओपी) अपनाने का भी निर्देश दिया. जिसमें वाहन के दस्तावेजों की जांच एम परिवहन एप के जरिये हो सके.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता जो खुद हाई कोर्ट में एडवोकेट हैं. उन्होंने गुहार लगाई कि बिहार जैसे राज्य जहां प्रति व्यक्ति आय कम है, वहां के लिए संशोधित जुर्माने की राशि बहुत ज़्यादा है. याचिकाकर्ता के इस दलील पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से भी जवाब तलब किया है. मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी.