1st Bihar Published by: 9 Updated Jul 04, 2019, 5:15:38 PM
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PATNA: इमारत-ए-शरिया के नाजिम ने मैट्रिक की परीक्षा देने वाले मुस्लिम छात्र-छात्राओं के लिए एक निर्देश जारी किया है. नाजिम ने ऐसे मुस्लिम छात्र-छात्राओं को फॉर्म भरते समय मातृभाषा के तौर पर उर्दू भाषा चुनने का निर्देश दिया है. इमारत-ए-शरिया का यह निर्देश हैरान करने वाला है. कारण है कि पहली बार इमारत-ए-शरिया की तरफ से छात्र-छात्राओं को ऐसा निर्देश जारी किया गया है. ऐसे में पहली बार इमारत-ए-शरिया ने खासकर मुस्लिम छात्र-छात्राओं के लिए एक निर्देश जारी किया है. इस निर्देश में स्कूलों की मंशा पर सवाल उठाया गया है. संस्थान के नाजिम-ए-आला मौलाना अनिसुर कासमी ने कहा है कि मुस्लिम छात्र-छात्राएं कंपलसरी विषय के तौर पर उर्दू भाषा का चुनाव करें और ऑप्शनल विषय के तौर पर फारसी, अरेबिक या फिर कोई दूसरे विषय का चुनाव करें. मुस्लिम छात्र-छात्राओं को इस बात का ख्याल रखते हुए उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो स्कूल वाले मनमाने ढंग से कंपलसरी विषय के तौर पर मातृभाषा के खाने में हिंदी और ऐच्छिक विषय के खाने में संस्कृत या फिर कोई दूसरा विषय डाल देंगे. नाजिम ने स्कूलों को भी इस मामले में ध्यान रखने की बात कही है और कहा है कि मुस्लिन छात्र-छात्राओं के फॉर्म में मातृभाषा के खाने में उर्दू ही दर्ज करें. बता दें कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने साल 2021 की मैट्रिक परीक्षा के लिए छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन शुरु कर दिया है. खास बात यह है कि इस साल छात्र -छात्राओं का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन कराया जा रहा है और छात्र-छात्राओं को फॉर्म भरकर ऑनलाइन जमा भी करना है.