1st Bihar Published by: 13 Updated Sep 08, 2019, 3:22:54 PM
- फ़ोटो
PATNA: सरकारी भवनों में अगर बिजली की बर्बादी की तो अब खैर नहीं. जी हां, राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बिजली की बर्बादी पर गंभीरता दिखाते हुए आदेश दिया है कि जरूरत के हिसाब से ही बिजली खर्च की जाए. बिजली की फिजुलखर्ची रोकने के लिए बिहार सरकार ने बिजली पर किये जाने वाली खर्च को आधा कर दिया है. 1200 करोड़ रुपये की जगह अब 600 करोड़ रुपये सालाना खर्च करने का टारगेट रखा गया है. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने इसके आदेश दिये हैं. मुख्य सचिव के निर्देश के अनुसार हर विभाग का अब अपना बिजली सब मीटर होगा. इसके साथ ही पुराने सचिवालय से बिजली मीटर लगाने का काम शुरू किया जाएगा. मुख्य सचिव ने हर महीने बिजली खपत की मॉनिटरिंग करने का भी आदेश जारी किया है. इसके साथ ही स्ट्रीट लाइट को रात बारह बजे के बाद ऑल्टरनेटिव जलाने का भी निर्देश दिया गया है. मुख्य सचिव ने स्ट्रीट लाइट को सेंसर कंट्रोल से जोड़ने का भी फैसला लिया है. साथ ही बिजली की बचत के लिए आम लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की भी घोषणा की है. निजी क्षेत्र में बिजली की बचत पर सरकार रिवार्ड भी देगी. इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कर्मियों को बिजली की बर्बादी रोकने में साथ देने की अपील की है.