1st Bihar Published by: 2 Updated Jul 08, 2019, 12:13:54 PM
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PATNA : बिहार के पुलिस महानिरीक्षक( मद्य निषेध) क्या खुद नशे में हैं? सरकार ने उन्हें सूबे में खास तौर पर शराब का कारोबार रोकने का जिम्मा दिया है. लेकिन उनके ऐसे-ऐसे आदेश निकल रहे हैं कि उन पर ही सवाल उठने लगे हैं. आईजी साहब ने एक रिटायर्ड दरोगा को दस साल तक थानेदार नहीं बनाने का फरमान जारी किया है.
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मद्यनिषेध IG का अजीबोगरीब फरमान
पुलिस महानिरीक्षक मद्यनिषेध के निर्देश पर कल एक पुलिसकर्मियों की सूची जारी की गयी है. इस सूची में कुल 21 इंस्पेक्टर,सब इंस्पेक्टर और जमादार का नाम शामिल है. आई जी साहब ने फरमान जारी किया है कि इन सबकों को अगले दस साल तक थानेदारी न दी जाये. लेकिन इस सूची को देखकर ही लोग हैरान हैं. इस सूची में रोहतास के ASI रामअवतार राम का नाम भी शामिल हैं. रामअवतार राम पुलिस की सेवा से रिटायर्ड हो चुके हैं. लेकिन IG साहब ने उन्हें भी थानेदारी नहीं देने का फरमान जारी किया है. उनकी ही सूची में ये दर्ज है कि रामअवतार राम सेवानिवृत हो चुके हैं. फिर उन्हें थानेदारी नहीं देने का आदेश जारी करना पुलिसवालों के ही समझ से परे की बात है.
CM के आदेश पर काम कर रहे हैं IG
IG (मद्यनिषेध) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने फरमान जारी किया है कि जिस थाना क्षेत्र में शराब बिकता हुआ पाया जाये वहां के थानेदार को अगले दस साल के लिए थानेदारी से वंचित कर दिया जाये. लिहाजा जिलों से सूची लेकर कुल 21 पुलिसवालों की सूची जारी की गयी, जिन्हें 10 साल तक थानेदारी नहीं मिलेगी. इस सूची में पटना में तैनात रहे दो पुलिस इंस्पेक्टरों के नाम भी शामिल हैं. पटना के कई थानों में तैनात रहे पुलिस इंस्पेक्टर अकील अहमद और अरूण कुमार अकेला को अगले दस सालों तक थानेदारी नहीं मिलेगी. इस सूची में सबसे ज्यादा नाम रोहतास जिले के पुलिसकर्मियों की है. वहां के 10 इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर और ASI को थानेदारी से अलग किया गया है. सूची में मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा के दो पुलिस अधिकारियों के भी नाम शामिल हैं.