ब्रेकिंग
कचरे से बनी हाइड्रोजन गैस से दौड़ेंगी दिल्ली की बसें? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताई भविष्य की योजनाऑपरेशन 'नया सवेरा 3.0' के तहत अरवल में बड़ी कार्रवाई, 14 लड़कियों का रेस्क्यू, आर्केस्ट्रा संचालक गिरफ्तारशराबबंदी पर सवाल : जहानाबाद सदर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों का कथित शराब पार्टी का वीडियो वायरलजमुई में कुख्यात बालू तस्कर मंटू यादव गिरफ्तार, हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामदबिहार के भ्रष्ट अफसरों के 102 करोड़ की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू...32 Cr की प्रॉपर्टी कर ली गई सीजकचरे से बनी हाइड्रोजन गैस से दौड़ेंगी दिल्ली की बसें? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताई भविष्य की योजनाऑपरेशन 'नया सवेरा 3.0' के तहत अरवल में बड़ी कार्रवाई, 14 लड़कियों का रेस्क्यू, आर्केस्ट्रा संचालक गिरफ्तारशराबबंदी पर सवाल : जहानाबाद सदर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों का कथित शराब पार्टी का वीडियो वायरलजमुई में कुख्यात बालू तस्कर मंटू यादव गिरफ्तार, हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामदबिहार के भ्रष्ट अफसरों के 102 करोड़ की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू...32 Cr की प्रॉपर्टी कर ली गई सीज

बिहार: नदी के बीच फंसी 12 से अधिक शिक्षकों की नाव, डेढ़ घंटे तक कोसी में भटकती रही; ऐसे मिला किनारा

SAHARSA: सहरसा में कोसी नदी अपने पूरे उफान पर है। तटबंध के भीतर बसने वालों के लिए उफनती नदी को पार करने का एकमात्र साधन नाव ही है। ग्रामीणों के साथ सरकारी स्कूल के शिक्षकों को भी न

बिहार: नदी के बीच फंसी 12 से अधिक शिक्षकों की नाव, डेढ़ घंटे तक कोसी में भटकती रही; ऐसे मिला किनारा
Mukesh Srivastava
2 मिनट

SAHARSA: सहरसा में कोसी नदी अपने पूरे उफान पर है। तटबंध के भीतर बसने वालों के लिए उफनती नदी को पार करने का एकमात्र साधन नाव ही है। ग्रामीणों के साथ सरकारी स्कूल के शिक्षकों को भी नाव से नदी पार करना पड़ता है। नाव पर सवार करीब एक दर्जन शिक्षकों की जान उस वक्त खरते में आ गई जब नाव नदी में भटक गई।


बताया जा रहा है कि जिले के नवहट्टा प्रखंड के पूर्वी कोसी तटबंध के ई-टू घाट से मध्य विद्यालय परताहा बरहारा के लिए करीब एक दर्जन से अधिक शिक्षक एक नाव पर सवार होकर सुबह 7 बजे स्कूल जाने के लिए निकले थे। ई- टू घाट से नाव 7 बजे खुली जरूर लेकिन 9 बजे तक भी किनारे नहीं लग सकी जबकि प्रत्येक दिन शिक्षकों को मात्र 45 मिनट में ही पूर्वी भाग से पश्चिमी भाग तक लेकर नाविक चले जाते थे।


शिक्षकों को लेकर चली नाव एक से डेढ़ घंटे तक करीब 4 से 5 किलोमीटर की दूरी में भटकती रही। धुंध के कारण नाविक को किनारे का पता नहीं चल रहा था। जिसके कारण नाव पर बैठे शिक्षकों की सांस अटक चुकी थी हालांकि करीब ढाई घंटे के बाद नाव सुरक्षित किनारे लगी तब जाकर शिक्षकों ने राहत की सांस ली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है हालांकि फर्स्ट बिहार वायरल वीडियो के सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता