बिहार की राजनीति में गदहा-लुच्चा जैसे शब्दों की एंट्री, एक दूसरे पर खूब बरसे मंत्री और पूर्व एमएलसी

बिहार की राजनीति में गदहा-लुच्चा जैसे शब्दों की एंट्री, एक दूसरे पर खूब बरसे मंत्री और पूर्व एमएलसी

JAMUI: जमुई में मंत्री और जदयू के पूर्व एमएलसी के बीच बयानबाजी इस तरह तेज हुई कि गदहवा-लुच्चा शब्द के साथ-साथ जीवन में अमावस्या की रात ला देने तक की बात नेता जी ने कह डाली। अब दोनों नेताओं का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसे देखकर लोग भी हैरान हैं। 


बिहार की राजनीतिक में हर दिन कुछ ना कुछ सुनने को मिल ही जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्री और उनकी ही पार्टी के पूर्व एमएलसी एक दूसरे पर कटाक्ष करते नजर आए। इसी के साथ बिहार की राजनीति में गदहा और लुच्चा जैसे शब्दों की एंट्री हो गई है। विवाद बिहार सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह के बयान पर हुआ। सुमित सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान जदयू के पूर्व एमएलसी का नाम लिए बिना गदहा कहा जिसके जवाब में पूर्व एमएलसी ने उन्हें लुच्चा कह डाला।


दरअसल सुमित कुमार सिंह दो दिन पहले चकाई विधानसभा क्षेत्र में कियाजोरी हाट से लेकर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। वहां उन्होंने पूर्व एमएलसी का नाम लिए बगैर कहा कि चकाई में पांच स्कूल का टेंडर हो गया है लेकिन अब बो गदहवा कहेगा की पांच स्कूल का टेंडर हो गया। बताइए मुख्यमंत्री जी कहे थे। पांच साल काहे कुछ नहीं किये। पांच साल में पांच योजना गिनायो जिसका फीता काटा गया हो। लोग एक विधायक को हराते हैं हम एक विधायक और एक विधान पार्षद को हरा का यहां तक पहुंचे हैं। 16 अगस्त को चकाई के हाई स्कूल के मैदान में हम कहे थे चार दिन की चांदनी फिर अमावस की रात..तुम्हारे घर में अमावस की रात नहीं मना दिये तो हमारा नाम सुमित नहीं। उसके जीवन में अमावस की रात ला देंगे वह फतिंगा की तरफ फड़फड़ाता है। वह फतिंगा देखे हैं ना जो लाइट के सामने फड़फड़ाता है हम लाइट ही बंद कर देंगे तो वह भाग जाता है। 


मंत्री सुमित सिंह ने कहा कि हम आए तो लगातार काम हो रहा है। चकाई का रेफरल अस्पताल को नया रूप दिया। दो दो नया थाना भवन भी हमने बनवाया। जिसकों नहीं दिखाई पड़ता है तो चले हमारे साथ हम दिखाएंगे। हम काम करते हैं और लोग तरह तरह की बात करते हैं। जब तक इस शरीर में लहू बचा हुआ है हम विकास का काम करते रहेंगे। लोग जात पात धर्म के नाम पर आपको भड़काएगा इस बात पर ध्यान नहीं दीजिएगा।  


वहीं मंत्री सुमित सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए जदयू के पूर्व एमएलसी संजय प्रसाद ने कहा कि हमको तो उस लुच्चा के प्रति बयान देने का भी मन नहीं करता है। उन्होंने कहा कि 2025 में पता चल जाएगा की काली अमावस्या किसके घर में है। सुमित सिंह जेडीयू में नहीं है निर्दलीय विधायक है। वो पार्टी का सदस्य नहीं है। जब पार्टी का सदस्य नहीं है तो पार्टी में हस्तक्षेप करने वाला सुमित सिंह कौन होता है? सुमित सिंह बीजेपी में जाने की तैयारी में है। अशोक चौधरी पर कहा कि संगठन को कमजोर कर रहे थे। हमारी शिकायत पर मुख्यमंत्री ने उन्हें यहां से हटाया। श्रवण कुमार को यहां का प्रभारी मंत्री बनाया गया। अशोक चौधरी अपने पूरे परिवार को सेट करना चाहते हैं बीजेपी में जाना चाहते हैं इसलिए ऐसा बोल रहे हैं। ललन बाबू से किसी का लड़ाई नहीं है नीतीश कुमार जो कहते हैं वही ललन सिंह करते हैं।