बंगाल में ED की टीम पर हमले का मामला, पुलिस ने दर्ज की 3 FIR; ममता पर राष्ट्रपति शासन की आंच

बंगाल में ED की टीम पर हमले का मामला, पुलिस ने दर्ज की 3 FIR;  ममता पर राष्ट्रपति शासन की आंच

DESK : पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हमले के बाद जहां राज्य में राजनीति गरमाई है और विपक्ष की तरफ से राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की जा रही है। तो वहीं दूसरी ओर इन सब के बीच ईडी पर हमले को लेकर तीन एफआईआर दर्ज की गईं है। जिसमें एक एफआईआईर में जांच एजेंसी के अधिकारियों पर आपराधिक अतिक्रमण और एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए भी मामला दर्ज किया गया है।अधिकारियों ने बताया कि दो अन्य प्राथमिकियां अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई हैं।


दरअसल, पश्चिम बंगाल पुलिस ने शनिवार को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली इलाके में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमले के संबंध में तीन एफआईआर दर्ज कीं। यहां रेड मारने गए जांच एजेंसी के अधिकारियों पर भीड़ ने हमला किया था। टीम राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में टीएमसी के जिला परिषद सदस्य शाहजहां शेख के घर की तलाशी लेने गई थी।


वहीं, पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक एफआईआर शेख के घर के केयरटेकर द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। दूसरी शुक्रवार को दायर ईडी की शिकायत के आधार पर और तीसरी स्वत: संज्ञान से दर्ज की गई थी। एक सूत्र ने कहा, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ईडी के अधिकारियों ने बिना कोई तलाशी वारंट दिखाए और कानून का उल्लंघन करते हुए टीएमसी नेता के आवास में जबरन घुसने का प्रयास किया।


ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 441 (आपराधिक अतिक्रमण), 379 (चोरी करने का इरादा) और 354 (एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) के तहत दर्ज की गई है। अधिकारियों ने कहा कि अन्य दो एफआईआर आईपीसी की धारा 147, 148, 149 (दंगा) और 353 (लोक सेवकों पर हमला) के तहत दर्ज की गईं।


न्याज़त पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी सुभाशीष प्रमाणिक ने कहा, “यह एक बहुत ही संवेदनशील मामला है। मैं एफआईआर के बारे में कुछ नहीं कह सकता। वैसे भी फिलहाल मैं थाने के बाहर हूं।'' वहीं, सूत्रों ने कहा कि हालांकि पुलिस ने शुक्रवार के हमले के सिलसिले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है, लेकिन तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।


इस बीच, शुक्रवार के कथित हमले में घायल हुए ईडी के दो अधिकारियों अंकुर गुप्ता और सोमनाथ दत्ता को कोलकाता के अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। तीसरे अधिकारी राजकुमार राम के सिर में चोट लगी थी और उन्हें हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत स्थिर है। शुक्रवार को एक बयान में ईडी ने कहा था कि उसके अधिकारियों की एक टीम सुबह संदेशखली में शेख के घर पहुंची। घर पर ताला लगा हुआ था और किसी ने कॉल का जवाब नहीं दिया। ईडी ने आरोप लगाया कि उस समय शेख के मोबाइल लोकेशन से संकेत मिलता है कि वह घर के अंदर था।


ईडी टीम इंतजार कर रही थी। इसी दौरान एक बड़ी भीड़ वहां जमा हो गई और टीम के साथ आए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को धक्का दे दिया। भीड़ ने अधिकारियों के वाहनों में तोड़फोड़ की और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। ईडी ने आरोप लगाया कि उसके तीन अधिकारी घायल हो गए और उनके निजी सामान और आधिकारिक सामान जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप और वॉलेट छीन लिए गए।


ईडी ने शनिवार को टीएमसी जिला परिषद सदस्य और पार्टी संयोजक शाहजहां शेख और उनके चार भाइयों के लिए लुकआउट नोटिस जारी किया। सूत्रों ने कहा कि ईडी ने इंटेलिजेंस ब्यूरो और सीमा सुरक्षा बल को सतर्क कर दिया है। ईडी को शक है कि शेख और उनका परिवार पड़ोसी बांग्लादेश में घुसपैठ करने की कोशिश कर सकता है।