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मां-पिता ने कर दिया अंतिम संस्कार, अगले दिन बेटा मिला जिंदा

RANCHI: मां और पिता ने बेटे का शव समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया. लेकिन एक दिन के बाद पता चला कि बेटा जिंदा है. वह किसी चाइल्ड लाइन के पास है. गम का माहौल खुशी में बदल गया.

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

RANCHI:  मां और पिता ने बेटे का शव समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया. लेकिन एक दिन के बाद पता चला कि बेटा जिंदा है. वह किसी चाइल्ड लाइन के पास है. गम का माहौल खुशी में बदल गया. 

सड़क हादसे में दो बच्चों की हुई थी मौत

रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार को दो बच्चों की ट्रक से कुचलने के कारण मौत हो गई हो थी. लापता दोनों दोस्तों के परिजन खोज रहे थे. लेकिन पतरस और करण का कुछ पता नहीं चल पाया. जब अखबार में हादसे की जानकारी मिली तो अगले दिन परिजन रिम्स हॉस्पिटल पहुंचे. इस दौरान एक बच्चे करण के शव की पहचान हुई और दूसरे की नहीं हुई. जिसके बाद पतरस नाम के बच्चे के पिता ने अपने बेटा का शव समझकर रिम्स हॉस्पिटल से ले गए और उसका अंतिम संस्कार कर दिया. पतरस के पिता को इसलिए लगा कि दोनों बच्चे एक साथ ही रहते थे. 


पुलिस की लापरवाही आई सामने

इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है. जब बच्चे के परिजन थाना में पहुंचे तो सड़क हादसे में दो बच्चों की मौत की जानकारी दी गई. लेकिन पुलिस ने चाइल्ड लाइन को सौंपे गए पतरस के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. जिसके कारण परिजनों ने दूसरे बच्चे का शव का अंतिम संस्कार अपना बेटा समझकर किया. पतरस को लेकर जब चाइल्ड लाइन से कॉल आया तो यह सारा मामला सामने आया.