DESK: इस वक्त की बड़ी खबर केरल के त्रिशूर जिले से आ रही है, जहां पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री में ब्लास्ट से पूरा इलाका गूंज उठा। इस हादसे में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में सभी घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सभी का इलाज जारी है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम आग पर काबू पाने में लगी है।
अधिकारियों के अनुसार, घटना के समय फैक्ट्री के शेड में करीब 40 लोग मौजूद थे। विस्फोट इतना तेज था कि कई लोग बुरी तरह झुलस गए। यह दुर्घटना मुण्डाथिकोड इलाके में उस समय हुई, जब आगामी त्रिशूर पूरम के लिए मंदिर देवस्वम की ओर से पटाखे तैयार किए जा रहे थे।घटना के तुरंत बाद घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मौके से 5 शव बरामद किए गए, जबकि 3 अन्य के शरीर के अंग मिले हैं। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल कर्मियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पास के अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया वही मलबे में दबे शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज और तेज़ी से बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव से बातचीत कर जरूरत पड़ने पर बाहरी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं लेने को भी कहा। वही स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने घायलों के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेज त्रिशूर और त्रिशूर जनरल अस्पताल में आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं, जबकि आसपास के अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवा सहित अतिरिक्त एंबुलेंस तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
वही प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट मंगलवार की दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। इस दौरान रुक-रुक कर बम फटने लगे और धमाके होते रहे। जिसके चलते राहत और बचाव कार्य में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बताया यह भी जा रहा है कि पटाखे अस्थायी शेडों में बनाए जा रहे थे, जो धान के खेतों के बीच स्थित थे।
जबकि वडक्कनचेरी नगर पालिका के चेयरमैन पीएन सुरेंद्रन ने कहा कि लगातार हो रहे विस्फोटों के कारण राहत दल को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वहां कुल कितने लोग मौजूद थे और कितने घायल हुए हैं। शुरुआती तौर पर अत्यधिक गर्मी को हादसे की एक वजह माना जा रहा है। पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इससे आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पटाखे की आवाज सुनकर आस पास के गांव में रहने वाले लोग घटनास्थल पहुंचे और फंसे लोगों को निकालने में मदद की। जिला कलेक्टर ने इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराने का आदेश दिया। सब-कलेक्टर को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। अपने संदेश में शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है।





