Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के चर्चित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में हुए भीषण अग्निकांड के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सिविल सर्जन ने अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह फैसला अस्पताल में आग लगने से छह मरीजों की मौत और सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने के बाद लिया गया।
गुरुवार सुबह अस्पताल के आईसीयू वार्ड में कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी। देखते ही देखते धुआं और आग पूरे वार्ड में फैल गई। उस समय आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। इस दर्दनाक हादसे में छह मरीजों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीज गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हुआ। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही अस्पताल के मालिक और प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
हादसे के बाद पुलिस ने जांच के दौरान अस्पताल के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। मामले में अस्पताल प्रबंधन और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, लाइसेंस रद्द होने के बाद अस्पताल मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई तेज हो सकती है।
जांच एजेंसियां सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी मानकों और अस्पताल संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। इस कार्रवाई को स्वास्थ्य विभाग की अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकना है।
