PATNA: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें सबसे बड़ा फैसला राज्य की जेल व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक बनाने का है। इसके लिए 129 साल पुराना जेल का कानून बदला जायेगा। कैबिनेट की बैठक में इसके अलावा पूर्व अग्निवीरों को वनरक्षी भर्ती में आरक्षण, भागलपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना, आंगनबाड़ी बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण योजना तथा 542 आदर्श विद्यालयों के विद्यार्थियों को विशेष यूनिफॉर्म किट देने जैसे प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए।
129 साल पुराने जेल कानून की जगह आएगा नया कानून
कैबिनेट ने बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके लागू होने के बाद राज्य में करीब 129 साल पुराने जेल कानून की जगह नया और आधुनिक कानून लागू होगा। सरकार का कहना है कि समय के साथ अपराध और जेल प्रबंधन की चुनौतियां बदल गई हैं। इसलिए पुराने कानून की जगह ऐसा कानून लाया जा रहा है जो वर्तमान जरूरतों के अनुरूप हो।
अब कैदियों के सुधार पर भी होगा जोर
नए कानून के तहत जेलों को केवल कैदियों को बंद रखने की जगह नहीं माना जाएगा। सरकार चाहती है कि जेलें सुधार और पुनर्वास का केंद्र बनें, जहां बंदियों को बेहतर जीवन जीने के लिए तैयार किया जाए। इसके लिए कैदियों को कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट), प्रशिक्षण और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि सजा पूरी होने के बाद वे सामान्य जीवन में लौट सकें। इसके साथ ही जेलों की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक प्रबंधन और बंदियों के अधिकारों से जुड़े कई नए प्रावधान भी कानून में शामिल किए गए हैं।
केंद्र सरकार के मॉडल कानून के आधार पर तैयार हुआ विधेयक
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को मॉडल प्रिजन एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट, 2023 के अनुरूप अपने-अपने राज्यों में नया कानून बनाने का सुझाव दिया था। इसी निर्देश के आधार पर बिहार सरकार ने राज्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नया बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक, 2026 तैयार किया है।
वनरक्षी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण
कैबिनेट ने बिहार अवर वन सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दे दी है। अब राज्य में वनरक्षी की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को कम से कम 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। सरकार का कहना है कि अग्निवीर पहले से प्रशिक्षित, अनुशासित और शारीरिक रूप से सक्षम होते हैं। इसलिए उनकी सेवाओं का उपयोग वन विभाग में प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
भागलपुर में बनेगा AI और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय
कैबिनेट ने भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता भी साफ कर दिया है। इसके लिए संबंधित विधेयक को बिहार विधानमंडल में पेश करने की मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि इस विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंप्यूटर साइंस, नई तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन पर विशेष फोकस रहेगा। इससे बिहार के युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर मिलेंगे।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलेगा पौष्टिक आहार
कैबिनेट ने सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के तहत एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत 6 महीने से 3 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और अति कुपोषित बच्चों को टेक-होम राशन के रूप में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यह पोषाहार बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) के माध्यम से रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक प्रीमिक्स के रूप में वितरित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बच्चों और माताओं में कुपोषण को कम करना और बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है।
542 आदर्श विद्यालयों के छात्रों को मिलेगी नई यूनिफॉर्म किट
कैबिनेट ने राज्य के 542 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) के कक्षा 7 से 12 तक के विद्यार्थियों को विशेष यूनिफॉर्म किट देने का भी फैसला किया है। यह किट जीविका के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी और प्रत्येक छात्र पर 6,000 रुपये प्रति वर्ष खर्च किए जाएंगे। किट में दो सेट स्कूल यूनिफॉर्म, टी-शर्ट, ट्राउजर, बेल्ट, टाई, जूते, मौजे, स्वेटर, कैप, ब्लेजर, बंडी, स्कूल बैग शामिल होंगे. सरकार के अनुसार इस योजना पर हर साल करीब 221 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
एक साथ कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर
सोमवार की कैबिनेट बैठक में सरकार ने कानून व्यवस्था, शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, रोजगार, पोषण और स्कूली शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाना, युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना, बच्चों और महिलाओं के पोषण में सुधार करना तथा शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।





