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‘पहले सीढ़ी लाइए, तभी बनेगा फेज’… भागलपुर में बिजली विभाग का अजब फरमान, 16 घंटे गुल रही बिजली

Bihar Electricity News: भागलपुर के सबौर की पत्रकार नगर कॉलोनी में ट्रांसफार्मर का फेज उड़ने से करीब 16 घंटे तक लोगों को बिजली संकट झेलना पड़ा। खराबी ठीक करने पहुंचे मिस्त्री के पास पोल पर चढ़ने के लिए सीढ़ी तक उपलब्ध नहीं थी। सुबह बिजली बहाल...

‘पहले सीढ़ी लाइए, तभी बनेगा फेज’… भागलपुर में बिजली विभाग का अजब फरमान, 16 घंटे गुल रही बिजली
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Electricity News: भागलपुर के सबौर नगर पंचायत स्थित पत्रकार नगर कॉलोनी में बिजली विभाग की लापरवाही का मामला सामने आया है. ट्रांसफार्मर का फेज उड़ने के बाद करीब 16 घंटे तक लोगों को बिजली की समस्या से जूझना पड़ा. उमस भरी गर्मी और बारिश के मौसम में बिजली बाधित रहने से कॉलोनी के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.


जानकारी के अनुसार, पत्रकार नगर कॉलोनी में बिजली आपूर्ति करने वाले ट्रांसफार्मर का फेज गुरुवार दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच उड़ गया था. इसके बाद इलाके में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह बंद तो नहीं हुई, लेकिन वोल्टेज काफी कम हो गया. कम वोल्टेज के कारण घरों में पंखे और बल्ब भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे. पानी की मोटर और फ्रिज जैसे जरूरी उपकरण चलाना भी मुश्किल हो गया.


फेज उड़ने के बाद स्थानीय उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग को इसकी जानकारी दी, लेकिन देर शाम तक समस्या का समाधान नहीं हो सका. रात में परेशानी बढ़ने पर उपभोक्ताओं ने विभाग के जेई दीपक कुमार राही से संपर्क किया. इसके बाद एक सरकारी मिस्त्री को मौके पर भेजा गया.


मिस्त्री पहुंचा तो सामने आई सीढ़ी की समस्या

रात में मिस्त्री के पहुंचने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब बिजली की समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन ट्रांसफार्मर के पोल पर चढ़ने के लिए विभाग के पास सीढ़ी उपलब्ध नहीं थी. मिस्त्री ने बताया कि सीढ़ी उपलब्ध होने के बाद ही ट्रांसफार्मर का फेज ठीक किया जा सकेगा.


इसके बाद कॉलोनी के लोगों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई. रात के समय सीढ़ी की व्यवस्था करना उनके लिए आसान नहीं था. नतीजा यह रहा कि फेज की खराबी दूर नहीं हो सकी और लोगों को पूरी रात बिजली की समस्या के बीच रहना पड़ा.


पूरी रात गर्मी और उमस से परेशान रहे लोग

फेज ठीक नहीं होने के कारण पत्रकार नगर कॉलोनी के लोगों को पूरी रात गर्मी और उमस में रहना पड़ा. बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. बिजली की समस्या के कारण कई घरों में पानी की मोटर नहीं चल सकी, जबकि पंखे और अन्य जरूरी उपकरण भी प्रभावित रहे.


शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे फेज को ठीक किया गया. इसके बाद इलाके में बिजली आपूर्ति सामान्य हुई, लेकिन लोगों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई.


बिजली आने के बाद भी कम वोल्टेज और ट्रिपिंग

फेज ठीक होने के बाद बिजली आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन इसके साथ ही कम वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या सामने आने लगी. कई घरों में मोटर, फ्रिज और दूसरे विद्युत उपकरण सामान्य तरीके से नहीं चल पा रहे हैं.


स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि बारिश और उमस के इस मौसम में बिजली की जरूरत सबसे ज्यादा होती है. ऐसे समय में ट्रांसफार्मर की मामूली खराबी को ठीक करने में करीब 16 घंटे लगना लोगों के लिए परेशानी का कारण बना.


रात में मिस्त्री पहुंचा, लेकिन संसाधन नहीं होने से नहीं हो सका काम

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा परेशानी उस समय हुई जब खराबी दूर करने के लिए विभाग की ओर से मिस्त्री तो भेजा गया, लेकिन उसके पास ट्रांसफार्मर के पोल तक पहुंचने के लिए जरूरी सीढ़ी उपलब्ध नहीं थी. संसाधन की कमी के कारण मिस्त्री मौके पर रहते हुए भी फेज को ठीक नहीं कर सका.


स्थानीय लोगों के मुताबिक, यदि विभाग के पास आवश्यक उपकरण और संसाधन उपलब्ध होते तो खराबी को जल्द दूर किया जा सकता था और लोगों को पूरी रात बिजली की समस्या नहीं झेलनी पड़ती.


करीब 16 घंटे बाद शुक्रवार सुबह फेज ठीक होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन कम वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या के कारण उपभोक्ताओं को अभी भी पूरी राहत नहीं मिल सकी है.