ब्रेकिंग
सपने में माता रानी के आने का दावा, मंदिर में समाधि लेने के लिए गड्ढा खुदवाने से मचा हड़कंप✦जमुई में शराब के नशे में फायरिंग, 75 वर्षीय बुजुर्ग की जांघ में लगी गोली; पटना रेफर✦'गाना नहीं गा पा रहे, लोगों को बेवकूफ क्यों बना रहे हो?' दलेर मेहंदी पर भड़के उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल✦मधेपुरा में दो जगह होगा रावण वध, दशहरा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की नजर✦बिहार में शराबबंदी की फिर खुली पोल, चिमनी भट्ठे के तहखाने से 1391 लीटर शराब बरामद✦सपने में माता रानी के आने का दावा, मंदिर में समाधि लेने के लिए गड्ढा खुदवाने से मचा हड़कंप✦जमुई में शराब के नशे में फायरिंग, 75 वर्षीय बुजुर्ग की जांघ में लगी गोली; पटना रेफर✦'गाना नहीं गा पा रहे, लोगों को बेवकूफ क्यों बना रहे हो?' दलेर मेहंदी पर भड़के उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल✦मधेपुरा में दो जगह होगा रावण वध, दशहरा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की नजर✦बिहार में शराबबंदी की फिर खुली पोल, चिमनी भट्ठे के तहखाने से 1391 लीटर शराब बरामद

सम्राट सरकार का बड़ा फैसला: सोशल मीडिया पर गाली-गलौज की तो लगेगा गुंडा एक्ट, कैबिनेट की बैठक में नये कानून को मिली मंजूरी

बिहार सरकार ने बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। नए प्रावधान के तहत सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अभद्र टिप्पणी और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ भी गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। इसके साथ ही पेपर लीक...

बिहार न्यूज
सोशल मीडिया पर गाली-गलौज अब गंभीर अपराध
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: बिहार में अब सोशल मीडिया पर मां-बहन, गाली-गलौज, अभद्र भाषा या किसी व्यक्ति के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करना बहुत महंगा पड़ सकता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2024 (CCA) में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सोशल मीडिया पर गाली-गलौज करने वालों के खिलाफ गुंडा एक्ट यानि सीसीए लगाने के संशोधित प्रावधान को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी। 


सोशल मीडिया पर गाली-गलौज अब गंभीर अपराध

सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गाली-गलौज करना, अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करना या किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी करना अब बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम के दायरे में आएगा। ऐसे मामलों में आरोपियों पर गुंडा एक्ट (CCA) के तहत कार्रवाई की जाएगी।  सरकार ने इस तरह के अपराधों के लिए छह महीने से लेकर एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान करने का फैसला किया है।


पेपर लीक करने वालों पर भी चलेगा गुंडा एक्ट

कैबिनेट ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसे संगठित अपराधों को भी बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम के दायरे में शामिल करने का फैसला किया है। नए कानून के लागू होने के बाद पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ भी सीसीए के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान जरूरी हैं।


साइबर अपराध से निपटने के लिए कानून होगा और सख्त

सरकार का कहना है कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। साइबर अपराध, सोशल मीडिया का दुरुपयोग और संगठित अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है, ताकि पुलिस और जांच एजेंसियों को ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई के लिए मजबूत कानूनी आधार मिल सके।


शिक्षा से जुड़े कई अहम फैसलों पर भी मुहर

कैबिनेट ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 और मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। बिहार सरकार का कहना है कि इन संशोधनों और नए प्रावधानों का उद्देश्य बदलते समय के अनुरूप कानून व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत ढांचे को मजबूत करना है।