ब्रेकिंग
Bihar DElEd Result 2026: प्रथम और द्वितीय वर्ष का रिजल्ट जारी, 95% से अधिक अभ्यर्थी हुए पास✦ब्रजेश पाठक के ‘नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ’ वाले बयान पर भड़के सपा सांसद, कहा..रिक्शा चलाने का शौक आपको है, गिफ्ट कर दें क्या?✦अकूत संपत्ति के मालिक निकले ADM और महिला सब रजिस्ट्रार, पति-पत्नी के ठिकानों पर छापेमारी में नोटों का ढेर..महंगी घड़ियों का कलेक्शन....✦बिहार में SH-91 पर दिनदहाड़े युवक का अपहरण, बाइक में मारी टक्कर और कार में बैठाया... विरोध करने पर फायरिंग✦पटना ADM और सब रजिस्ट्रार के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, आय से अधिक संपत्ति मामले में राजधानी से लेकर बेगूसराय तक छापेमारी✦Bihar DElEd Result 2026: प्रथम और द्वितीय वर्ष का रिजल्ट जारी, 95% से अधिक अभ्यर्थी हुए पास✦ब्रजेश पाठक के ‘नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ’ वाले बयान पर भड़के सपा सांसद, कहा..रिक्शा चलाने का शौक आपको है, गिफ्ट कर दें क्या?✦अकूत संपत्ति के मालिक निकले ADM और महिला सब रजिस्ट्रार, पति-पत्नी के ठिकानों पर छापेमारी में नोटों का ढेर..महंगी घड़ियों का कलेक्शन....✦बिहार में SH-91 पर दिनदहाड़े युवक का अपहरण, बाइक में मारी टक्कर और कार में बैठाया... विरोध करने पर फायरिंग✦पटना ADM और सब रजिस्ट्रार के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, आय से अधिक संपत्ति मामले में राजधानी से लेकर बेगूसराय तक छापेमारी

केंद्रीय मंत्री से मिलवाने के नाम पर PLFI सुप्रीमों से करोड़ों की ठगी, NIA की पूछताछ में खुलासा

RANCHI : झारखंड के मोस्ट वांटेड आतंकी संगठन पीएलएफआइ के सुप्रीमो दिनेश गोप से बड़ी ठगी मामला अब सामने आया है। यह ठगी उनसे कोई आम आदमी नहीं बल्कि एक रसूखदार नेता द्वारा की गयी थी। इस

केंद्रीय मंत्री से मिलवाने के नाम पर PLFI सुप्रीमों से करोड़ों की ठगी, NIA की पूछताछ में खुलासा
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

RANCHI : झारखंड के मोस्ट वांटेड आतंकी संगठन पीएलएफआइ के सुप्रीमो दिनेश गोप से बड़ी ठगी मामला अब सामने आया है। यह ठगी उनसे कोई आम आदमी नहीं बल्कि एक रसूखदार नेता द्वारा की गयी थी। इस बात का खुलासा एनआईए की तफ्तीश में सामने आयी है। रिमांड पर लिए गए पीएलएफआइ सुप्रीमो ने और भी कई बड़े खुलासे किए हैं। 


दरअसल, पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप ने एनआईए की पूछताछ में बताया है कि आत्मसमर्पण करने को लेकर उसके साथ ठगी की गई थी। उसने बताया कि, उसका संगठन लगातार एजेंसियों के रडार पर था, उसके खिलाफ लगातार एक्शन लिया जा रहा था। उसी दौरान एक बड़े राजनेता से इससे मुलाकात करने की योजना बनाई थी। उसने कहा था कि वो दिनेश गोप की मुलाकात के बड़े केंद्रीय मंत्री से करवा देगा।  इसके बदले में उस राजनेता से आतंकी संगठन के सुप्रीमों से दो करोड़ रुपये भी लिए थे। लेकिन, पैसा देने के बाद भी जब मुलाकात को लेकर कोई पहल नहीं की गई तो गोप को एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है। 


वहीं,दिनेश गोप ने पूछताछ के दौरान अपने कई मददगारों के नाम बताए हैं। वहीं उसने यह भी बताया है कि संगठन के हथियार किन लोगों के पास हैं।  दिनेश गोप से मिली जानकारी के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमें जांच अभियान में जुटी है। वहीं एनआईए के द्वारा भी दिनेश गोप से पूछताछ में निवेश के कई साक्ष्य जुटाए गए हैं।


आपको बताते चलें कि, नेपाल में फरारी काटने के दौरान दिनेश गोप ने कई लोगों से संपर्क किया था। रांची और खूंटी के कई लोगों ने उससे बात की थी। वहीं बिरसा चौक का रहने वाला दिनेश गोप का एक स्वजातीय युवक नेपाल जाकर उससे मिला भी था। नेपाल के विराटनगर में भी स्वजातीय स्थानीय नेता के साथ साथ कुछ लोगों का उसे समर्थन था।