RANCHI: झारखंड की राजधानी रांची में 4 साल के बच्चे के अपहरण मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सार्वजनिक स्थानों से छोटे-छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर अगवा करते थे और उन्हें साहिबगंज में अलग-अलग जगहों पर भीख मांगने के लिए रख देते थे। वही कुछ बच्चों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में भी करते थे।
रांची स्टेशन के बाहर से गायब हुआ था बच्चा
मामला 24 सितंबर की सुबह का है। बच्चे की मां अपने 4 साल के बेटे के साथ छत्तीसगढ़ स्थित अपने घर लौट रही थी। ट्रेन बदलने के लिए वह रांची रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इसी दौरान ट्रेन का इंतजार करते समय स्टेशन परिसर के बाहर से अचानक उसका बेटा गायब हो गया। काफी खोजबीन के बावजूद जब बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला तब मां ने रांची के चुटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया।
तकनीकी जांच से पुलिस को मिला सुराग
विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए बच्चे की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को अपहरण में शामिल एक आरोपी के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद रांची पुलिस ने धनबाद पुलिस के सहयोग से एक आरोपी को धनबाद रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
तीनपहाड़ में छापेमारी, चार आरोपी गिरफ्तार
पहले आरोपी से पूछताछ के बाद रांची पुलिस ने साहिबगंज पुलिस के सहयोग से तीनपहाड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ इलाके से अगवा 4 साल के बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। बच्चे के बरामद होने की सूचना पुलिस ने परिजनों को दे दी है। परिजन झारखंड के लिए निकल चुके हैं।
कई जिलों की पुलिस ने कार्रवाई में किया सहयोग
बच्चे की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी में रांची पुलिस के साथ धनबाद, जामताड़ा और साहिबगंज पुलिस ने सहयोग किया। संथाल परगना के पुलिस महानिरीक्षक का भी कार्रवाई में सहयोग रहा। फिलहाल गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के साथ-साथ पहले से लापता बच्चों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
बच्चों को अगवा कर भीख मंगवाने का आरोप
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों के आसपास छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर अगवा करते थे। इसके बाद बच्चों को साहिबगंज के तीनपहाड़ इलाके में अलग-अलग स्थानों पर रखा जाता था। आरोप है कि बच्चों से भीख मंगवाई जाती थी। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि बच्चों का इस्तेमाल अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जाता था। हालांकि, गिरोह का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है और बच्चों से अन्य किस तरह की गतिविधियां कराई जाती थीं, इसका पता पुलिस की विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद ही चल सकेगा।





