ब्रेकिंग
‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’, PMCH प्राचार्य पर एक्शन के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का पहला रिएक्शनबिहार में NH का महाजाल: 15 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का खाका तैयार, राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा DPRCM सम्राट चौधरी के कार्यक्रम में हवाई चप्पल पहनकर ड्यूटी करता दिखा पुलिसकर्मी, VIDEO वायरलहत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा, शादी से पहले युवक ने ले ली थी मंगेतर की जानCM सम्राट चौधरी ने मिलर हाई स्कूल को लिया गोद, बनेंगे AI लैब और स्मार्ट क्लास, छात्रों में खुशी का माहौल ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’, PMCH प्राचार्य पर एक्शन के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का पहला रिएक्शनबिहार में NH का महाजाल: 15 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का खाका तैयार, राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा DPRCM सम्राट चौधरी के कार्यक्रम में हवाई चप्पल पहनकर ड्यूटी करता दिखा पुलिसकर्मी, VIDEO वायरलहत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा, शादी से पहले युवक ने ले ली थी मंगेतर की जानCM सम्राट चौधरी ने मिलर हाई स्कूल को लिया गोद, बनेंगे AI लैब और स्मार्ट क्लास, छात्रों में खुशी का माहौल

झारखंड में जंगली हाथियों के लिए कॉल सेंटर, सिर्फ एक फोन पर ग्रामीणों को मिलेगी मदद

JAMSHEDPUR: झारखंड में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। राज्य के विभिन्न जिलों में जंगली हाथी रिहायशी इलाकों में घुसकर जान-माल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथियों पर नकेल कसने के लि

झारखंड में जंगली हाथियों के लिए कॉल सेंटर, सिर्फ एक फोन पर ग्रामीणों को मिलेगी मदद
Mukesh Srivastava
2 मिनट

JAMSHEDPUR: झारखंड में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। राज्य के विभिन्न जिलों में जंगली हाथी रिहायशी इलाकों में घुसकर जान-माल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथियों पर नकेल कसने के लिए जमशेदपुर वन प्रमंडल ने बड़ी तैयारी की है। वन प्रमंडल की तरफ से हाथियों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए हाथी कॉल सेंटर बनाया है।


कॉल सेंटर के लिए एक टोल फ्री नंबर18003456486 जारी किया गया है। इस टॉल फ्री नंबर पर फोन कर ग्रामीण जंगली हाथियों के गांव में आने की जानकारी दे सकेंगे। सूचना मिलते ही वन विभाग के संबंधित कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी जाएगी और वनकर्मी तुरंत उस इलाके में पहुंच जाएंगे, जहां हाथियों के आने की खबर मिलेगी।


बता दें कि जमशेदपुर के ग्रामीण इलाकों में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। घर और अनाज का नुकसान करने के साथ साथ हाथी लोगों की जान भी ले रहे हैं। जानकारी नहीं मिलने के कारण वनकर्मी घटनास्थल पर देर से पहुंचते हैं, जिसके कारण नुकसान अधिक होता है। लोगों को तत्काल मदद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कॉल सेंटर को शुरू किया गया है।


रेंजर दिग्विजय सिंह ने बताया कि कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर पर फोन करने वाले लोगों का नाम और पता के साथ साथ उनका मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा। एक घंटे के भीतर उक्त फोन नंबर पर फोन कर जानकारी ली जाएगी और वनकर्मी तत्काल संबंधित इलाके में पहुंचकर सहायता पहुंचाएंगे। 

टैग्स