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AFFDF Fund: पूर्व सैनिकों के लिए बड़ी खुशखबरी: शादी से लेकर पढ़ाई तक के लिए मिलेंगे दोगुने पैसे, राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी

AFFDF Fund: देश के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वित्तीय सहायता में 100 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दे दी है।

AFFDF Fund
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PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

AFFDF Fund: देश के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वित्तीय सहायता में 100 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दे दी है। यह सहायता केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत दी जाती है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कई महत्वपूर्ण योजनाओं में अब लाभार्थियों को पहले की तुलना में दोगुनी राशि दी जाएगी, जिससे पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार होगा।


गरीबी अनुदान (Penury Grant) को पहले 4,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह अनुदान उन वृद्ध पूर्व सैनिकों को आजीवन प्रदान किया जाएगा जो पेंशन के पात्र नहीं हैं। इस योजना का लाभ 65 वर्ष से अधिक आयु की विधवाओं को भी मिलेगा। इस अनुदान का उद्देश्य उन अधिकारियों और जवानों की मदद करना है जिन्होंने क्रमशः 20 और 15 वर्ष की सेवा पूरी नहीं की और जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। इस कदम से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को जीवन यापन में पर्याप्त सहारा मिलेगा।


पूर्व सैनिकों के आश्रित बच्चों के लिए शिक्षा अनुदान को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिमाह प्रति विद्यार्थी कर दिया गया है। यह अनुदान दो तक आश्रित बच्चों के लिए कक्षा 1 से स्नातक स्तर तक मिलेगा। साथ ही, शहीद सैनिकों की विधवाओं के लिए यह अनुदान दो वर्ष के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम तक बढ़ा दिया गया है। इस कदम से सैनिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी और उनके भविष्य के अवसर मजबूत होंगे।


पूर्व सैनिकों की बेटियों के विवाह या विधवा पुनर्विवाह के लिए मिलने वाला विवाह अनुदान अब 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये कर दिया गया है। यह योजना पूर्व सैनिकों के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास है। इस अनुदान से न केवल विवाह से जुड़े खर्चों में मदद मिलेगी, बल्कि यह पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षा का भाव भी बढ़ाएगा।


रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये संशोधित दरें 1 नवंबर 2025 से प्रस्तुत आवेदनों पर लागू होंगी। इस वित्तीय सुधार से सरकार पर लगभग 257 करोड़ रुपये का वार्षिक भार पड़ेगा, जिसे सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष (AFFDF) से वहन किया जाएगा। यह कोष रक्षा मंत्री पूर्व सैनिक कल्याण कोष के अंतर्गत आता है, जो AFFDF का ही एक उप-कोष है।


रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय गैर-पेंशनभोगी सैनिकों, विधवाओं और निम्न-आय वर्ग के आश्रितों के सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करेगा। मंत्रालय ने इसे पूर्व सैनिकों की सेवा और बलिदान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। यह कदम न केवल पूर्व सैनिकों के जीवन स्तर को सुदृढ़ करेगा, बल्कि देश के रक्षकों के प्रति सरकार की कृतज्ञता और सम्मान का भी संदेश देगा।


विशेष रूप से, इस पहल से उन पूर्व सैनिकों और परिवारों को राहत मिलेगी जिन्हें वित्तीय तंगी का सामना करना पड़ता था। इससे न केवल उनकी जीवन गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा, विवाह और दैनिक खर्चों में भी स्थायित्व आएगा। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह सुधार देश में पूर्व सैनिकों के कल्याण को नई दिशा देने के लिए उठाया गया है और सरकार भविष्य में भी उनकी भलाई के लिए समान रूप से प्रयास जारी रखेगी।