ब्रेकिंग
बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! वाल्मीकिनगर बराज से 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया✦जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक करने का आरोप, मीसा भारती के खिलाफ थाने में आवेदन✦जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाते हैं अधिकारी, भाजपा सांसद का बड़ा बयान, कहा..जिनके हाथ में तबादले की ताकत केवल उन्हीं का कॉल करते हैं रिसीव✦बिहार में बेटियों से बदसलूकी का दौर जारी: आरा में चलती ऑटो में छात्रा से छेड़खानी, बचने के लिए सड़क पर कूदी✦उत्तराखंड में मौसम खराब, चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई जिलों में रेड अलर्ट ✦बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! वाल्मीकिनगर बराज से 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया✦जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक करने का आरोप, मीसा भारती के खिलाफ थाने में आवेदन✦जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाते हैं अधिकारी, भाजपा सांसद का बड़ा बयान, कहा..जिनके हाथ में तबादले की ताकत केवल उन्हीं का कॉल करते हैं रिसीव✦बिहार में बेटियों से बदसलूकी का दौर जारी: आरा में चलती ऑटो में छात्रा से छेड़खानी, बचने के लिए सड़क पर कूदी✦उत्तराखंड में मौसम खराब, चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई जिलों में रेड अलर्ट

रंग लायी काले धन कुबेरों के खिलाफ मोदी सरकार की पॉलिसी, स्विस बैंक ने मुहैया करायी जानकारियों की पहली लिस्ट

DESK: अब जल्दी ही देश की कमाई लूटने वाले काले धन कुबेरों की पोल खुलने वाली है. केंद्र की मोदी सरकार की पॉलिसी ने रंग दिखाना शुरु कर दिया है और इसी सिलसिले में स्विट्जरलैंड सरकार ने भारत सरकार को ऐस

FirstBihar
Rajnish Singh
2 मिनट

DESK: अब जल्दी ही देश की कमाई लूटने वाले काले धन कुबेरों की पोल खुलने वाली है. केंद्र की मोदी सरकार की पॉलिसी ने रंग दिखाना शुरु कर दिया है और इसी सिलसिले में स्विट्जरलैंड सरकार ने भारत सरकार को ऐसे धन कुबेरों की पहली लिस्ट सौंप दी है. 

स्विट्जरलैंड की ओर से स्विस बैंक में खुले भारतीय खातों की जानकारी सरकार को सौंपी गई है. भारत कुछ चुनिंदा देशों में से एक है जिन्हें ये जानकारी मिल रही है. हालांकि स्विस सरकार की तरफ से दी गई यह लिस्ट पूरी नहीं है और स्विस सरकार बाकी लोगों की लिस्ट को साल 2020 तक केंद्र सरकार को सौंपेगी.

बताया जा रहा है कि स्विट्जरलैंड में दुनिया के 75 देशों के करीब 31 लाख खाते शामिल हैं जो जांच के दायरे में हैं, इनमें भारत के कई खाते भी शामिल हैं. सरकार को यह जानकारी मिलने के बाद अब जांच ऐजेंसियां ऐसे खातों की जांच कर सकती है.