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Shivangi Singh: कौन हैं भारत की एकमात्र महिला राफेल पायलट शिवांगी सिंह? भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच खूब हो रही चर्चा

Shivangi Singh: वाराणसी की रहने वाली शिवांगी सिंह भारत की पहली और एकमात्र महिला पायलट हैं, जो राफेल लड़ाकू विमान उड़ाती हैं. जानें...

Shivangi Singh
शिवांगी सिंह
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Viveka Nand
4 मिनट

Shivangi Singh: लगभग दो दशक पहले दिल्ली स्थित एयर फोर्स म्यूजियम की यात्रा एक छोटी बच्ची की जिंदगी बदल देगी, यह किसी ने नहीं सोचा था। वहां पहली बार एक लड़ाकू विमान को छूने के बाद उस बच्ची ने मन में ठान लिया कि वह एक दिन पायलट बनेगी। आज वह सपना हकीकत बन चुका है। उस बच्ची का नाम है शिवांगी सिंह, जो भारत की पहली और अब तक की एकमात्र महिला राफेल पायलट बनकर इतिहास रच चुकी हैं। 


बता दें कि 29 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से अपनी शिक्षा प्राप्त की और फिर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित हैदराबाद एयर फोर्स एकेडमी में दाखिला लिया। यहीं से उनके उड़ान का सफर शुरू हुआ। शिवांगी ने भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फाइटर जेट्स में से एक, MiG-21 बाइसन को उड़ाने की कड़ी ट्रेनिंग ली। 2020 में उन्होंने फ्रांस में राफेल जेट की विशेष ट्रेनिंग पूरी की और इसके बाद वह राफेल स्क्वाड्रन में शामिल हुईं।


शिवांगी सिंह भारत की पहली महिला पायलट हैं जो सिंगल-सीट राफेल जेट उड़ाने में सक्षम हैं यह जेट फ्रांस की तकनीक पर आधारित है और दुनिया के सबसे उन्नत फाइटर विमानों में गिना जाता है। वर्तमान में उनकी तैनाती अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर है, जो भारत में राफेल की पहली बेस है। दरअसल, शिवांगी का कहना है कि उन्हें सबसे बड़ी प्रेरणा अपनी मां से मिली। उनकी मां चाहती थीं कि शिवांगी सिर्फ पढ़ाई में अव्वल न रहे, बल्कि आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बने। यही सोच शिवांगी को भारतीय वायु सेना में एक मुश्किल लेकिन गौरवपूर्ण राह पर ले गई। उनके पति भी वायु सेना में फाइटर पायलट हैं, और दोनों एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हैं।


शिवांगी के सपनों की उड़ान यहीं नहीं रुकी है। अब उनका अगला लक्ष्य भारत का मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ है। वह एक दिन भारतीय अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) बनने का सपना देख रही हैं और उसके लिए खुद को तैयार कर रही हैं। शिवांगी का मानना है कि आज भारत में महिलाओं के लिए असीम संभावनाएं हैं चाहे वो सेना हो, पुलिस सेवा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग या कोई और क्षेत्र। उन्होंने कहा, "हर भारतीय महिला को आत्मनिर्भर बनना चाहिए और अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए। महिलाएं देश के विकास में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।


शिवांगी सिंह 2017 में भारतीय वायु सेना में कमीशन हुई थीं। उन्होंने ‘Avani Chaturvedi’, ‘Bhawana Kanth’ और ‘Mohana Singh’ जैसी पहली महिला फाइटर पायलटों के बाद, नई पीढ़ी की सबसे उभरती प्रतिभाओं में जगह बनाई है। वह IAF’s 17 Squadron “Golden Arrows” से जुड़ी हैं, जो फ्रांस से आए पहले राफेल जेट्स को उड़ाता है।   शिवांगी सिंह न केवल भारतीय वायु सेना की एक गर्वशाली प्रतिनिधि हैं, बल्कि हर भारतीय लड़की के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सपना चाहे जितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर हौसला हो तो उसे पूरा किया जा सकता है।

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