Chief Justice Appointments: पटना-झारखंड समेत 5 हाईकोर्टों में कौन होंगे नए चीफ जस्टिस? SC कॉलेजियम ने सुझाए नाम

Chief Justice Appointments: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुरुवार को अपनी बैठक में विभिन्न उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने के लिए पांच न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 19 Dec 2025 10:17:32 AM IST

Chief Justice Appointments

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम - फ़ोटो GOOGLE

Chief Justice Appointments:  सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुरुवार को अपनी बैठक में विभिन्न उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने के लिए पांच न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है। ये रिक्तियां मुख्य रूप से रिटायरमेंट और ट्रांसफर के कारण उत्पन्न हो रही हैं। कॉलेजियम की सिफारिशों को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलना अभी शेष है।


कॉलेजियम की सिफारिशों के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा की गई है। यह पद वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के 9 जनवरी 2026 को रिटायर होने के बाद रिक्त होगा।


साथ ही, बॉम्बे हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस रेवती पी. मोहिते डेरे को मेघालय हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की गई है। यह सिफारिश मेघालय हाईकोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश के प्रस्तावित ट्रांसफर को ध्यान में रखते हुए की गई है।


कॉलेजियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के एक अन्य न्यायाधीश जस्टिस एम.एस. सोनक को झारखंड हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की भी अनुशंसा की है। झारखंड हाईकोर्ट में यह पद 8 जनवरी 2026 को वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के रिटायर होने के बाद रिक्त होगा।


इसके अलावा, केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस ए. मुहम्मद मुस्ताक को सिक्किम हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। वहीं, उड़ीसा हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संगम कुमार साहू को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने का प्रस्ताव किया गया है।


कॉलेजियम ने मेघालय हाईकोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सौमेन सेन को केरल हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की भी सिफारिश की है। यह ट्रांसफर केरल हाईकोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश के 9 जनवरी 2026 को रिटायर होने के बाद प्रभावी होगा।


सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की यह सिफारिश उच्च न्यायालयों में न्यायिक नेतृत्व को सुनिश्चित करने और न्यायिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए अहम मानी जा रही है। इन नियुक्तियों के बाद न्यायालयों की कार्यप्रणाली में स्थिरता आएगी और मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।