DELHI: दिल्ली में वोट चोरी और SIR के खिलाफ विपक्ष की रणनीति के बीच राहुल गांधी के आवास पर INDIA ब्लॉक के नेताओं
, सिविल सोसायटी और छात्र संगठनों की बैठक हुई.इस दौरान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए
उनकी तुलना आपातकाल के दौर से की। वहीं, विपक्ष ने लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुटता का संदेश दिया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सरकारी आवास पर INDIA ब्लॉक के सांसदों, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों की बैठक हुई। जिसके बाद इंडिया ब्लॉक के नेताओं की प्रेस को संबोधित करते हुए केन्द्र की मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा। वही दूसरी ओर दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केन्द्रीय मंत्री और जेडीयू नेता ललन सिंह ने राहुल गांधी पर हमला बोला।
जेडीयू नेता ललन सिंह ने बीजेपी के दफ्तर से यह कहा कि राहुल गांधी, अपनी दादी जी के पद चिन्हों पर चल रहे हैं और वे कांग्रेस पार्टी को 1974-75 के दौर में ले जाना चाहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जब इस देश में इमरजेंसी लगी थी तब जब सभी के मौलिक अधिकार समाप्त कर दिए गए थे। लाखों लोग जेल में थे, मैं भी जेल में था।
ललन सिंह ने कहा कि जिस तरह उनकी दादी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरे देश में आपातकाल लगा दिया, उसी तरह राहुल गांधी आज सत्ता पाने के लिए अराजकता की स्थिति पैदा करना चाह रहे हैं। जबकि राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाना उनका लक्ष्य है, लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरा विपक्ष एकजुट है।
दरअसल दिल्ली में 'वोट चोरी' और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ निकाले गए विशाल 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' के बाद विपक्ष ने अपनी आगे की रणनीति को और तेज कर दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसी सिलसिले मेंअपने सरकारी आवास पर INDIA ब्लॉक के सांसदों, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों को हाई-टी यानी ‘जलपान’ के लिए आमंत्रित किया था। इसी दौरान राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, डी राजा, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी सहित विपक्ष के कई नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।







