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Pahalgam Terror Attack: स्कूल टीचर ने छोड़ा इस्लाम, कहा “धर्म के नाम पर हिंसा सही नहीं”

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम हमले से आहत पश्चिम बंगाल के एक स्कूल शिक्षक ने इस्लाम धर्म को त्याग कर सनसनी मचा दी है. सोशल मीडिया पर बने चर्चा का विषय.

Pahalgam Terror Attack
साबिर हुसैन
© google
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले के बाद इससे आहत एक स्कूल शिक्षक ने एक बहुत बड़ा कदम उठाते हुए इस्लाम धर्म को त्यागने का फैसला कर लिया है. इस शिक्षक का नाम साबिर हुसैन बताया जाता है और वह पश्चिम बंगाल के बदुरिया में एक स्कूल शिक्षक हैं. हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद उन्होंने इस्लाम धर्म को छोड़ने का फैसला किया है।


उन्होंने अपनी इस निर्णय की वजह बताते हुए कहा है कि वह धर्म के नाम पर हिंसा को सही नहीं मानते हैं, खासतौर पर कश्मीर में. उनका कहना है कि वे सिर्फ एक इंसान के रूप में जाने जाना चाहते हैं और अदालत में जाकर अपनी धार्मिक पहचान त्यागने की प्रक्रिया शुरू करेंगे. हुसैन ने स्पष्ट किया है कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है और वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन अब वे किसी धार्मिक लेबल से जुड़ना नहीं चाहते हैं.


हुसैन ने यह भी कहा है कि वे अपने परिवार पर अपने विचार नहीं थोपेंगे और उनकी पत्नी और बच्चे अपनी मर्जी से अपनी धार्मिक पहचान तय करने के लिए स्वतंत्र हैं. उनके इस निर्णय को सबसे पहले फेसबुक पर साझा किया गया था. पहलगाम हमले जैसी हिंसक घटनाओं में जिस तरह से लोगों से उनका धर्म पूछकर उन्हें मारा गया है उसकी वजह से ऐसे कई मुस्लिम हैं जो शर्मिंदा हैं और इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में ऐसे लोगों की संख्या और भी बढ़ सकती है जो इस्लाम को त्याग देंगे.


हालांकि, कई लोगों का यह कहना है कि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता लेकिन सवाल फिर यह भी बनता है कि अगर ऐसा है तो फिर लोगों से धर्म पूछ-पूछ कर उन्हें शिकार क्यों बनाया जा रहा है. उनके कपडे उतरवा कर यह चेक क्यों किया जा रहा है कि खतना हुआ है या नहीं ताकि उनके हिंदू होने की पुष्टि हो सके और फिर उन्हें मौत के घाट उतारा जा सके.

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