1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 07, 2025, 9:53:31 AM
भारत का सटीक जवाब, आतंक के अड्डों पर सीधा वार - फ़ोटो Google
Operation Sindoor: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में जब निर्दोष पर्यटकों की जान गई, तब पूरा देश आक्रोशित था। अब इस हमले का जवाब भारत ने अपने अंदाज़ में दिया है—सख्त, सटीक और साफ़। भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंक के गढ़ बने नौ ठिकानों को निशाना बनाया है। ये ठिकाने कोई मामूली जगह नहीं थे, ये वही ट्रेनिंग कैंप और मुख्यालय हैं, जहां भारत के खिलाफ सालों से साजिशें रची जाती रही हैं।
जिन पर गिरी गाज़:
आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें से कई बहावलपुर, मुरिदके और कोटली जैसे संवेदनशील इलाकों में थे। इनमें लश्कर का वही indoctrination सेंटर भी शामिल था, जहां 26/11 के हमलावर अजमल कसाब को ट्रेनिंग मिली थी और जिस परिसर के निर्माण के लिए ओसामा बिन लादेन ने कथित रूप से 10 लाख रुपये दान दिए थे। कई ठिकाने पर हमला हुआ जिसमें :
मार्कज़ सुब्हान अल्लाह (बहावलपुर): जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है |
मार्कज़ तैयबा (मुरिदके): लश्कर का indoctrination सेंटर है |
सैयदना बिलाल कैंप (मुफ़्फ़राबाद, PoK): जैश व पाक सेना का साझा अड्डा माना जाता है |
मेहमूना जोया (सियालकोट): हिज्बुल का प्रशिक्षण केंद्र के रूप में जाना जाता है |
मार्कज़ रहील शाहिद (कोटली, PoK): हिज्बुल का स्नाइपर ट्रेनिंग सेंटर तौर पर जाना जाता है |
जानिए ऑपरेशन सिंदूर की सबसे बड़ी सफलता
मरकज़-ए-तैयबा महज एक धार्मिक संस्थान नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा की पूरी साजिशों का गढ़ था। यहीं से भारत के खिलाफ नफरत और आतंकी गतिविधियों की स्क्रिप्ट लिखी जाती थी। इसी परिसर में 26/11 के आतंकी हमलों के गुनहगार अजमल कसाब समेत सभी आतंकियों को ट्रेनिंग दी गई थी।
RAW की सटीक जानकारी से प्रहार
भारतीय खुफिया एजेंसी RAW की महीनों की निगरानी, तकनीकी सर्विलांस और इनपुट्स के आधार पर इस टारगेट की पुष्टि की गई। इसके बाद ही "ऑपरेशन सिंदूर" की रणनीति तय हुई और वायुसेना ने अपने मिशन को अंजाम दिया।
PAK की बौखलाहट
हमले के बाद पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया में बदला लेने की धमकी जरूर दी है, लेकिन वहां की लोकल मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहा है कि विस्फोट बड़े पैमाने पर हुए हैं। कई आतंकी ठिकाने तबाह हो गए हैं और पाकिस्तानी सेना ने इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है।
नागरिकों को नहीं था निशाना
ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह आतंकी ढांचों पर केंद्रित था। भारत ने न तो आम नागरिकों को निशाना बनाया और न ही किसी सैन्य प्रतिष्ठान को। यह ऑपरेशन आतंक के गढ़ पर सीधा और सटीक वार था।
पकिस्तान की नापाक रणनीति भी बेनकाब:
भारतीय एजेंसियों को मिली खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान अब इन आतंकी ठिकानों को स्वास्थ्य केंद्रों की आड़ में छिपाने लगा है ताकि अंतरराष्ट्रीय दबाव, खासकर FATF जैसी संस्थाओं की नज़र से बचा जा सके। ISI और पाकिस्तानी सेना की भूमिका इन सबमें कहीं न कहीं प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ी है। बता दे कि इन कैंपों में 200 से अधिक आतंकियों को पनाह देने की क्षमता है, और यही ठिकाने ड्रोन के जरिए भारत में हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने का काम भी करते हैं। इस ऑपरेशन के तहत PoK और पाकिस्तान में ऐसे 9 स्थलों को सटीक हमले में तबाह कर दिया गया।
नया भारत, नया संदेश
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक संदेश है, कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा। अब हर हमले का जवाब उस भाषा में दिया जाएगा जिसे आतंकी और उनके सरपरस्त समझते हैं।