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फर्राटेदार अंग्रेज़ी, अंधेरी ज़िंदगी और ढोकले का सहारा… कौन हैं संतोष गोयल? सच की तलाश में जुटी आर्मी

आगरा के एक बुजुर्ग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनकी जिंदगी अचानक चर्चा में आ गई है। अपने अतीत को लेकर किए गए दावों ने लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं और अब मामला एक नई दिशा में बढ़ गया है। पूरी कहानी आगे पढ़ें...

फर्राटेदार अंग्रेज़ी, अंधेरी ज़िंदगी और ढोकले का सहारा… कौन हैं संतोष गोयल? सच की तलाश में जुटी आर्मी
Ramakant kumar
5 मिनट

आगरा से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने लोगों को हैरान भी किया है और सोचने पर मजबूर भी। करीब 80 वर्षीय संतोष गोयल इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। वजह है उनका एक वायरल वीडियो, जिसमें वे बेहतरीन अंग्रेज़ी बोलते हुए अपनी जिंदगी की कहानी बताते नजर आते हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब मामला इतना बढ़ गया है कि भारतीय सेना भी खुद आगे आकर उनकी मदद और जांच में जुट गई है।


वायरल वीडियो से बदल गई जिंदगी

आगरा के नगला पदी इलाके में रहने वाले संतोष गोयल की जिंदगी उस वक्त सुर्खियों में आई, जब 2 अप्रैल को उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह वीडियो जीएसटी विभाग के एक अधिकारी द्वारा बनाया गया था, जिसमें संतोष ने अपने अतीत से जुड़े कई बड़े दावे किए।


वीडियो में वे धाराप्रवाह अंग्रेज़ी बोलते नजर आते हैं, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। उनकी भाषा और आत्मविश्वास ने लोगों का ध्यान खींचा और देखते ही देखते वे चर्चा का विषय बन गए।


NDA में प्रोफेसर होने का दावा

संतोष गोयल का कहना है कि उन्होंने साल 1971 में अंग्रेज़ी विषय से पीएचडी की थी और पुणे स्थित National Defence Academy (NDA) में पढ़ाया भी है। उनका दावा है कि वे आर्मी एजुकेशन कोर का हिस्सा रहे और उनके कई छात्र आज भारतीय सेना में बड़े पदों पर कार्यरत हैं।


हालांकि, उनके इन दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, जिससे लोगों के बीच शक भी बना हुआ है।


आंखों की रोशनी गई, जिंदगी बदल गई

संतोष बताते हैं कि उनकी जिंदगी उस समय पूरी तरह बदल गई, जब उनकी आंखों की रोशनी चली गई। उनका कहना है कि इसी कारण उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। वे यह भी कहते हैं कि अगर उनकी सेवा कुछ साल और पूरी हो जाती, तो उन्हें पेंशन मिलती और आज हालात इतने खराब नहीं होते।


आज स्थिति यह है कि उन्हें ठीक से दिखाई नहीं देता, दांत भी नहीं हैं और वे सामान्य भोजन तक नहीं कर पाते।


ढोकले और भोग के सहारे गुजर-बसर

जीवन के इस मुश्किल दौर में संतोष गोयल का गुजारा बेहद साधारण तरीके से हो रहा है। वे पास के एक मिष्ठान भंडार से मिलने वाले भोग, जैसे ढोकला और लड्डू पर निर्भर हैं। यही उनका रोज का भोजन है।


उनकी हालत देखकर आसपास के लोग भी कभी-कभी मदद करते हैं, लेकिन स्थायी सहारा अब तक नहीं मिल पाया था।


पड़ोसियों को भी नहीं पता सच्चाई

संतोष गोयल के दावों को लेकर उनके पड़ोसियों और आसपास के लोगों में भी संशय है। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने उन्हें वर्षों से उसी इलाके में देखा है, लेकिन उनके NDA में प्रोफेसर होने की बात की पुष्टि किसी के पास नहीं है।


यहां तक कि जिस घर में वे रहते हैं, वहां के लोग भी उनसे किसी पारिवारिक संबंध से इनकार करते हैं। ऐसे में उनकी कहानी और भी रहस्यमयी बन जाती है।


सेना ने बढ़ाया मदद का हाथ

वीडियो वायरल होने के बाद मामला भारतीय सेना तक पहुंचा। इसके बाद सेना के जवान खुद संतोष गोयल के पास पहुंचे और उन्हें अपने साथ ले गए। फिलहाल उन्हें सेना के कमांड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी आंखों का इलाज किया जा रहा है। साथ ही, उनके द्वारा किए गए दावों की भी जांच शुरू कर दी गई है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।


अब सबकी नजर सच पर

यह कहानी अब सिर्फ एक बुजुर्ग की परेशानी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह एक सवाल बन गई है, क्या संतोष गोयल सच में NDA के प्रोफेसर रहे हैं या फिर उनकी कहानी का कोई और पहलू है?


फिलहाल, लोग उनकी सच्चाई जानने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इतना जरूर है कि इस वायरल वीडियो ने एक भूले-बिसरे इंसान को फिर से चर्चा में ला दिया है और अब उनकी जिंदगी में उम्मीद की एक नई किरण जरूर दिखाई दे रही है।