UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार की दोपहर एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग झुलस गए हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 15 की मौत की पुष्टि की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।
अधिकारियों ने बताया कि अग्निशमन विभाग को सोमवार अपराह्न करीब तीन बजे अलीगंज थाना क्षेत्र के उषा मेहता मार्ग स्थित एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद कई लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कुछ लोगों के इमारत में फंसे होने की आशंका जताई गई। जान बचाने के लिए सात से आठ छात्रों ने इमारत से छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) बबलू कुमार ने भी इसकी पुष्टि की है।
बचाव अभियान के दौरान अग्निशमन कर्मियों को घने धुएं के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। दमकल विभाग की एक टीम ने सीढ़ियों के सहारे इमारत के भीतर प्रवेश किया, जबकि दूसरी टीम ने बगल की इमारत की दीवार तोड़कर अंदर पहुंचने का प्रयास किया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए हाइड्रोलिक सीढ़ी से लैस वाहन समेत 14 दमकल गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। सभी कमरों और शौचालयों की गहन जांच की गई।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों, एम्बुलेंस और चिकित्सा टीमों को अलर्ट पर रखा गया है तथा घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है। फिलहाल, राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। पीएमओ ने कहा है कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
बताया जाता है कि सभी मृत बच्चों की उम्र 20 से 24 साल के बीच है। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की तह तक जाकर दोषियों को सजा दी जाएगी।



