Cockroach Janata Party: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अपने नए अभियान का ऐलान किया है। गुरुवार को महाराष्ट्र में पार्टी के नए कैंपेन ‘क्या बोलती पब्लिक’ की घोषणा करते हुए दीपके ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए काम करना है।
दीपके के मुताबिक, अभियान की शुरुआत शिक्षा क्षेत्र से की जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे इसे अन्य जन मुद्दों तक विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा को प्राथमिकता इसलिए दी गई है क्योंकि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस के कारण कई परिवार अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में असमर्थ हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी की पूरी टीम इस अभियान पर काम करेगी। दीपके ने कहा, “देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार हमारा पहला मुद्दा होगा। हमारा मानना है कि शिक्षा आज बहुत महंगी हो गई है। कक्षा 1 में दाखिले के लिए भी कई जगह सालाना फीस 1 लाख से 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है। इसके अलावा कई संस्थानों में डोनेशन की व्यवस्था भी चल रही है।”
अभिजीत दीपके ने सवाल उठाया कि जब आम लोगों की आय सीमित है, तो वे इतनी महंगी शिक्षा का खर्च कैसे उठा पाएंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल के बाद कॉलेज और कोचिंग की फीस भी परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा रही है। कई लोग बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी छात्रों और परिवारों पर पड़ रहे इस आर्थिक बोझ को कम करने के लिए काम करना चाहती है। दीपके ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा सभी का अधिकार है और इसे हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में शिक्षा व्यवस्था काफी हद तक मुनाफे के कारोबार में बदल गई है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश के बयान पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया के तौर पर शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन चुकी है। नीट मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाने के बाद सत्ता समर्थक लोगों ने सवाल किया था कि क्या कॉकरोच पार्टी झारखंड में जारी छात्र आंदोलनों को भी उठाएगी। इस मुद्दे पर अभिजीत दीपके और उनकी टीम की सक्रियता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
अब ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान के ऐलान के साथ दीपके ने अपनी आगे की रणनीति स्पष्ट कर दी है। वह पहले भी कह चुके हैं कि उनकी योजना राजनीतिक पार्टी बनाने की नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं को उठाने और सुधार के लिए दबाव बनाने वाले एक ‘प्रेशर ग्रुप’ के रूप में काम करने की है। कॉकरोच जनता पार्टी का नया अभियान इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है।





