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बिहार के बेटे कनिष्क नारायण का ब्रिटेन में जलवा: कैबिनेट में मिली बड़ी जिम्मेदारी, लिसा नंदी भी सुर्खियों में; जानिए कौन हैं दोनों

Bihar News: मुजफ्फरपुर में जन्मे कनिष्क नारायण ने ब्रिटेन की राजनीति में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें नई सरकार में एआई मंत्री की जिम्मेदारी मिली है, जबकि भारतीय मूल की लिसा नंदी को भी अहम पद पर बरकरार रखा गया है। दोनों नेताओं का राजनीतिक सफर अब..

बिहार के बेटे कनिष्क नारायण का ब्रिटेन में जलवा: कैबिनेट में मिली बड़ी जिम्मेदारी, लिसा नंदी भी सुर्खियों में; जानिए कौन हैं दोनों
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: ब्रिटेन की नई सरकार में भारतीय मूल के दो नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिली है.इनमें बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मे कनिष्क नारायण का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. उन्हें पहली बार कैबिनेट स्तर का पद देते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री बनाया गया है. वहीं, भारतीय मूल की लिसा नंदी को संस्कृति सचिव की जिम्मेदारी पर बरकरार रखा गया है.


कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहैम ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला. इसके बाद उन्होंने अपनी कैबिनेट में कई बड़े बदलाव किए, जिसमें कनिष्क नारायण की नियुक्ति सबसे अहम मानी जा रही है.

मुजफ्फरपुर से ब्रिटेन की कैबिनेट तक का सफर

कनिष्क नारायण का जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ था. जब वह 12 साल के थे, तब उनका परिवार ब्रिटेन के कार्डिफ चला गया. उन्होंने कार्डिफ के कैथेज हाई स्कूल से पढ़ाई की और इसके बाद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया. आगे की पढ़ाई उन्होंने अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए करके पूरी की.


पढ़ाई के बाद कनिष्क ने टेक सेक्टर में काम किया. उन्होंने सिलिकॉन वैली और ब्रिटेन की कई बड़ी टेक कंपनियों के साथ काम किया और सरकारों व कंपनियों को सलाह भी दी.


राजनीति में उनकी शुरुआत साल 2024 के ब्रिटेन आम चुनाव से हुई. उन्होंने लेबर पार्टी के टिकट पर वेल ऑफ ग्लैमरगन सीट से चुनाव जीता. खास बात यह रही कि यह सीट पिछले 14 सालों से कंजर्वेटिव पार्टी के पास थी.


इसके बाद सितंबर 2025 में उन्हें एआई और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े विभाग में जूनियर मंत्री बनाया गया था. अब नई सरकार में इसी जिम्मेदारी को बढ़ाते हुए उन्हें कैबिनेट स्तर का एआई मंत्री बनाया गया है.


कनिष्क नारायण का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और दुनिया में उसकी स्थिति के लिए काफी महत्वपूर्ण है. हालांकि, एआई से नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर उनका कहना है कि बदलाव ऐसा होना चाहिए जिससे कर्मचारियों को फायदा मिले.


कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान उन्होंने स्थानीय दुकानों की मदद के लिए 'हेल्प योर हाई स्ट्रीट' अभियान शुरू किया था. इसके अलावा वह सिटिजन्स एडवाइस संस्था के ट्रस्टी और चैथम हाउस के सलाहकार भी रह चुके हैं.


कौन हैं लिसा नंदी?

लिसा नंदी भी भारतीय मूल की प्रमुख ब्रिटिश नेता हैं. नई कैबिनेट में उन्हें संस्कृति सचिव की जिम्मेदारी पर बनाए रखा गया है.


लिसा का जन्म 1979 में मैनचेस्टर में हुआ था. उनके पिता दीपक नंदी कोलकाता से थे, जबकि उनकी मां लुईस बायर्स ब्रिटिश मूल की हैं. इस वजह से उनका भारत, खासकर कोलकाता से खास जुड़ाव रहा है.


उन्होंने न्यूकैसल यूनिवर्सिटी से राजनीति की पढ़ाई की और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर्स डिग्री हासिल की.


ब्रिटेन की राजनीति में भारतीय मूल के इन दोनों नेताओं की बढ़ती भूमिका को काफी अहम माना जा रहा है. कनिष्क नारायण की कहानी खासतौर पर इसलिए चर्चा में है क्योंकि बिहार के एक छोटे शहर से निकलकर उन्होंने ब्रिटेन की कैबिनेट तक का सफर तय किया है.