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India inflation rate 2025: दिवाली से पहले राहत की खबर! घटती महंगाई से किचन का रेट होगा कम, जाने पूरी जानकारी

India inflation rate 2025: एनएसओ द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में खुदरा महंगाई घटकर 1.54% हो गई है। इसका मतलब है कि खाने-पीने की चीजों की कीमतें पहले से कम हुई हैं। अब देखना यह है कि इन गिरती कीमतों का आम लोगों और बाजार पर क्या असर पड़ेगा...

India inflation rate
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PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

India inflation rate 2025: एनएसओ द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में खुदरा महंगाई घटकर 1.54% हो गई है। इसका मतलब है कि खाने-पीने की चीजों की कीमतें पहले से कम हुई हैं। अब देखना यह है कि इन गिरती कीमतों का आम लोगों और बाजार पर क्या असर पड़ेगा... 


दिवाली जैसे बड़े त्योहार से पहले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। आमतौर पर लोग इस समय बोनस का इंतजार करते हैं, लेकिन इस बार एक और अच्छी खबर मिली है – महंगाई कम हो गई है।

महंगाई दर में बड़ी गिरावट

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2024 में महंगाई दर घटकर 1.54% रह गई है, जो पिछले महीने से 0.53% कम है। इसका मतलब है कि खाने-पीने की चीजें जैसे हरी सब्जियां, दाल, तेल और अनाज अब सस्ते हो गए हैं। महंगाई का यह स्तर पिछले 8 सालों में सबसे कम है। जून 2017 के बाद पहली बार महंगाई इतनी नीचे आई है। इससे लोगों की जेब पर बोझ कम होगा और वे पहले से ज्यादा पैसे बचा पाएंगे। इसका सीधा फायदा दिवाली की तैयारियों में भी दिखेगा – खरीदारी बढ़ेगी और त्योहार की रौनक ज्यादा होगी।



सस्ती चीजों का क्या होगा असर ?

सितंबर में जिन जरूरी चीजों की कीमतें कम हुई हैं, उनमें शामिल हैं:सब्जियां, दालें, तेल, घी, फल, अनाज और अंडा

सब्जियों के दाम 21.38% और दालों के दाम 15.32% तक गिर गए हैं। इससे घर का बजट संतुलित रहेगा और खासतौर पर गृहणियों (हाउसवाइफ) के लिए रसोई संभालना आसान हो जाएगा।


खाने की चीजों की महंगाई सबसे कम

खाद्य महंगाई दर यानी खाने-पीने की चीजों की महंगाई 0% से भी नीचे, यानी -2.28% रही। दिसंबर 2018 के बाद यह सबसे कम है। इसका मतलब है कि खाने की चीजें सस्ती हुई हैं।


कीमतों में गिरावट के पीछे की वजह

बेस इफेक्ट – पिछले साल कीमतें ज्यादा थीं, इसलिए इस साल तुलना में गिरावट ज्यादा दिख रही है।

GST सुधार – सरकार ने हाल ही में कुछ टैक्स सुधार (GST Reforms) किए हैं जिससे कीमतों पर दबाव कम हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही हाल रहा, तो आगे भी महंगाई पर कंट्रोल बना रह सकता है।

इस बार की दिवाली लोगों के लिए और भी सस्ती और खुशहाल हो सकती है क्योंकि जरूरी सामान सस्ते हो गए हैं, महंगाई कम है और बचत का मौका बढ़ गया है।

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