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Hot Bedding: आधा बिस्तर किराए पर देती है यह महिला, इन शर्तों को मान कर बगल में सो सकता है कोई भी अजनबी

Hot Bedding: कनाडा में महंगाई से जूझ रही 37 वर्षीय मॉनिक जेरेमिआह ने बेड का आधा हिस्सा किराए पर देकर महीने में 50,000 रुपये कमाए, सोशल मीडिया पर इस कॉन्सेप्ट ने तहलका मचाकर रख दिया है।

Hot Bedding
मॉनिक जेरेमिआह
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
4 मिनट

Hot Bedding: कनाडा बढ़ती महंगाई और रहने की ऊंची लागत ने लोगों को पैसे कमाने और बचाने के लिए अजीब और हैरानी भरे तरीके अपनाने पर मजबूर कर दिया है। इन्ही लोगों में से एक हैं 37 वर्षीय मॉनिक जेरेमिआह, जिन्होंने सोशल मीडिया पर तहलका मचाकर रख दिया है। मॉनिक ने अपने बेड का आधा हिस्सा किराए पर देना शुरू किया, जिसे 'हॉट बेडिंग' के नाम से जाना जाता है। इस अनोखे तरीके से वह महीने में 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त कमाई कर रही हैं। हालांकि, इस कॉन्सेप्ट ने जहां कुछ लोगों को हैरान किया, वहीं कई ने इसे खतरनाक और विवादास्पद बताया है।


मॉनिक जेरेमिआह, जो कनाडा में अकेली रहती थीं, इन्हें 2020 के लॉकडाउन के दौरान आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। उनकी कमाई के सभी रास्ते बंद हो गए, और उसी दौरान उनका ब्रेकअप भी हो गया। कनाडा में घर का किराया और लाइफस्टाइल की ऊंची लागत उनके लिए असहनीय हो रही थी। ऐसे में मॉनिक ने अपने घर में खाली पड़े बेड के आधे हिस्से को किराए पर देने का फैसला किया। उन्होंने ऑनलाइन एक पोस्ट डाला, जिसमें सस्ते दाम पर बेड का आधा हिस्सा किराए पर देने की पेशकश की। हैरानी की बात यह थी कि कई लोगों ने उनसे संपर्क किया, और जल्द ही वह अनजान लोगों के साथ बेड शेयर कर महीने में 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त कमाई करने लगीं।


बताते चलें कि 'हॉट बेडिंग' एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें एक बेड के आधे हिस्से को किराए पर दिया जाता है। यह कॉन्सेप्ट कनाडा जैसे महंगे देशों में उन लोगों के लिए आकर्षक है, जो सस्ते आवास की तलाश में हैं। मॉनिक ने इस व्यवस्था के लिए कुछ सख्त नियम बनाए, जो नीचे दिए गए हैं: 

आपसी सहमति: बेड शेयर करने वाले व्यक्ति के साथ आपसी सहमति से ही कोई शारीरिक निकटता जैसे कडलिंग वगैरह हो सकती है। जबरदस्ती या अनुचित व्यवहार की सख्त मनाही है।

सुरक्षा और गोपनीयता: किराएदार को अपनी पहचान और बैकग्राउंड की जानकारी देनी होती है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो।

स्वच्छता: बेड और आसपास के क्षेत्र को साफ रखना दोनों पक्षों की जिम्मेदारी है।

समयबद्धता: किराएदार को तय समय के लिए ही बेड का उपयोग करना होता है, और इसका दुरुपयोग नहीं किया जा सकता।


मॉनिक ने बताया कि यह व्यवस्था उन लोगों के लिए बनाई गई थी, जो कनाडा में महंगे किराए के कारण बेसमेंट या भीड़भाड़ वाले घरों में रहने को मजबूर हैं। उनके अनुसार, यह न केवल उनकी आर्थिक मदद करता है, बल्कि किराएदारों को भी सस्ता और आरामदायक विकल्प देता है। कई लोगों ने इस कॉन्सेप्ट को असुरक्षित और अनैतिक बताया, खासकर महिलाओं के लिए। आलोचकों का कहना है कि अनजान लोगों के साथ बेड शेयर करना न केवल शारीरिक सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। दूसरी ओर, कुछ महिलाओं ने दावा किया कि वे भी हॉट बेडिंग के जरिए पैसे कमा रही हैं, और सही नियमों के साथ यह सुरक्षित हो सकता है।


आपको जानकर हैरानी होगी कि हॉट बेडिंग का कॉन्सेप्ट नया नहीं है। 2017 में रूस की 21 वर्षीय विक्टोरिया इवाचोया ने भी ठंडे मौसम में बेड गर्म करने का पेशा शुरू किया था, जहां वह 65 यूरो प्रति रात चार्ज करती थीं। हालांकि, कनाडा में यह कॉन्सेप्ट महंगाई और आवास संकट के कारण ज्यादा लोकप्रिय हुआ। ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों में भी सस्ते आवास के लिए बेड शेयरिंग के मामले देखे गए हैं।

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