ब्रेकिंग
Ashok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांचBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! 27 अगस्त तक बारिश का अलर्ट, पटना समेत इन इलाकों में बरसेंगे बादलबख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौतAshok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांचBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! 27 अगस्त तक बारिश का अलर्ट, पटना समेत इन इलाकों में बरसेंगे बादलबख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौत

देश की तीन बड़ी बीमा कंपनियों का होगा विलय, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कैबिनेट को भेजा प्रस्ताव

DELHI : सरकारी बैंकों के विलय पर फैसला लेने के बाद केंद्र सरकार बीमा कंपनियों के विलय पर भी जल्द फैसला लेने की तैयारी में है। केंद्र सरकार देश की तीन बड़ी बीमा कंपनियों के विल

FirstBihar
Santosh Singh
2 मिनट

DELHI : सरकारी बैंकों के विलय पर फैसला लेने के बाद केंद्र सरकार बीमा कंपनियों के विलय पर भी जल्द फैसला लेने की तैयारी में है। केंद्र सरकार देश की तीन बड़ी बीमा कंपनियों के विलय पर जल्द मुहर लगा सकती है। खबरों के मुताबिक केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने तीन बीमा कंपनियों के विलय का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेज दिया है। 

सरकार जिन तीन बीमा कंपनियों का विलय करना चाहती है उनमें ओरिएंटल इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। यह तीनों साधारण बीमा क्षेत्र में देश की बड़ी बीमा कंपनियां हैं। इन तीनों बीमा कंपनियों के विलय के बाद बाजार में इनकी कुल हिस्सेदारी 35 फ़ीसदी हो जाएगी। 

विलय के साथ-साथ केंद्र सरकार इन कंपनियों को 12 हजार करोड़ की मदद भी देगी। अब इंतजार इस बात का है कि वित्त मंत्रालय की तरफ से भेजे गए कैबिनेट नोट पर केंद्र सरकार कब फैसला लेती है।