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बिहार की बेटी ने रचा इतिहास... फाइटर कॉम्बैट लीडर की कमान संभालने वाली बनीं देश की पहली महिला पायलट

First Female Fighter Pilot India: बिहार की बेटी स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने भारतीय वायुसेना में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा कर इतिहास रचा है। मिथिला से जुड़ी भावना के बचपन के सपने से लेकर भारतीय वायुसेना...

बिहार की बेटी ने रचा इतिहास... फाइटर कॉम्बैट लीडर की कमान संभालने वाली बनीं देश की पहली महिला पायलट
Ramakant kumar
3 मिनट

First Female Fighter Pilot India: बिहार की बेटी और भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है. दरभंगा के बाउर गांव से ताल्लुक रखने वाली भावना ने फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स पूरा कर देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव हासिल किया है.


भावना ने अगस्त 2026 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (TACDE) में फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा किया. भारतीय वायुसेना के इस प्रतिष्ठित युद्धक प्रशिक्षण को पूरा करने वाली वह पहली महिला फाइटर पायलट बनी हैं.


FCL कोर्स पूरा करने के बाद भावना अब युद्ध जैसी परिस्थितियों में हवाई अभियानों का नेतृत्व करने के लिए प्रशिक्षित हो चुकी हैं. यह प्रशिक्षण फाइटर पायलटों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे पूरा करने वाले पायलटों को उनकी युद्धक क्षमता के कारण ‘टॉप गन’ के रूप में भी जाना जाता है. भावना फिलहाल पंजाब में पदस्थापित हैं.


2015 में फाइटर स्ट्रीम में शामिल होने का मिला मौका

भावना कंठ का जन्म 1 दिसंबर 1992 को बिहार के बेगूसराय जिले के बरौनी में हुआ था. उनके पिता तेज नारायण कंठ इंजीनियर हैं, जबकि मां राधा कंठ गृहिणी हैं. भावना की शुरुआती पढ़ाई डीएवी पब्लिक स्कूल, बरौनी से हुई. इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की.


भारतीय वायुसेना ने वर्ष 2015 में महिलाओं को फाइटर स्ट्रीम में शामिल करने का फैसला लिया था. इसी के बाद भावना को भी फाइटर पायलट बनने का मौका मिला. कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वर्ष 2016 में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने उन्हें भारतीय वायुसेना में कमीशन प्रदान किया.


इसके बाद भावना भारतीय वायुसेना की फाइटर स्क्वाड्रन का हिस्सा बनीं और लगातार अपने प्रशिक्षण और सेवा के दौरान आगे बढ़ती रहीं. अब FCL कोर्स पूरा करने के बाद उनके नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है.


बचपन से था आसमान में उड़ने का सपना

भावना के पिता तेज नारायण कंठ के अनुसार, उनकी बेटी बचपन से ही चिड़ियों की तरह आसमान में उड़ना चाहती थी. भावना की इच्छा एनडीए में जाने की थी, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका. इसके बावजूद उन्होंने सैन्य सेवा में जाने का अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनने का रास्ता चुना.


भावना के छोटे भाई नीलांबर कंठ और छोटी बहन तनुजा कंठ भी इंजीनियर हैं. अब भावना ने फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा कर भारतीय वायुसेना में महिला फाइटर पायलटों के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है.