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Diwali Bonus : केंद्रीय कर्मचारी को PM मोदी ने दिया बड़ा उपहार, 60 दिन के बोनस का किया एलान

दिवाली 2025 से पहले केंद्र सरकार ने डाक कर्मचारियों के लिए 60 दिन के वेतन के बराबर उत्पादकता-लिंक्ड बोनस (PLB) की घोषणा की। सभी नियमित, GDS और कैजुअल कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 19, 2025, 2:10:05 PM

Diwali Bonus : केंद्रीय कर्मचारी को PM मोदी ने दिया बड़ा उपहार, 60 दिन के बोनस का किया एलान

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Diwali Bonus : दिवाली के त्योहार से पहले केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक खुशखबरी दी है। संचार मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डाक विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए उत्पादकता-लिंक्ड बोनस (Productivity Linked Bonus - PLB) का ऐलान किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार डाक कर्मचारियों को 60 दिनों के वेतन के बराबर बोनस मिलेगा। यह कदम कर्मचारियों की मेहनत को मान्यता देने के साथ-साथ त्योहारी सीजन में उन्हें वित्तीय राहत प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।


डाक विभाग के आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस बोनस का लाभ विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को दिया जाएगा। इनमें नियमित कर्मचारी, ग्रामीण डाक सेवक (GDS), अस्थायी और पूर्णकालिक कैजुअल कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा, ऐसे कर्मचारी जो 31 मार्च 2025 के बाद सेवानिवृत्त, इस्तीफा दे चुके हैं या प्रतिनियुक्ति पर चले गए हैं, वे भी इस बोनस के पात्र होंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी कर्मचारियों के लिए उत्पादकता-लिंक्ड बोनस, संबंधित प्रावधानों के अनुसार देय होगा।


बोनस का लाभ कौन-कौन लेगा:

नियमित कर्मचारी: इसमें ग्रुप C, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) और गैर-राजपत्रित ग्रुप B के कर्मचारी शामिल हैं।

ग्रामीण डाक सेवक (GDS): जो नियमित रूप से कार्यरत हैं।

**अस्थायी और पूर्णकालिक अनौपचारिक (कैजुअल) कर्मचारी।

इसके अलावा, जो कर्मचारी 31 मार्च 2025 के बाद सेवानिवृत्त होंगे, इस्तीफा देंगे या प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे, उन्हें भी प्रो-राटा आधार पर बोनस दिया जाएगा। विभाग के अनुसार, इस पहल से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि वे त्योहारी सीजन में वित्तीय रूप से भी सुरक्षित रहेंगे।


बोनस की गणना का तरीका:

डाक विभाग ने बोनस की गणना का फार्मूला भी स्पष्ट किया है।


नियमित कर्मचारियों के लिए:

बोनस की गणना औसत वेतन के आधार पर की जाएगी। सूत्र के अनुसार, बोनस = (औसत वेतन × 60 दिन ÷ 30.4)। हालांकि, इस गणना में वेतन की अधिकतम सीमा ₹7,000 प्रति माह निर्धारित की गई है। इसका मतलब है कि यदि किसी कर्मचारी का औसत वेतन ₹7,000 से अधिक है, तो बोनस की गणना ₹7,000 के आधार पर ही होगी।


ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) के लिए:

उनके बोनस की राशि उनकी टाइम रिलेटेड कंटिन्युटी अलाउंस (TRCA) और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर तय की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण डाक सेवकों को भी समान रूप से लाभ मिले और उनका मनोबल बना रहे।


अस्थायी या पूर्णकालिक कैजुअल कर्मचारियों के लिए:

उन्हें ₹1,200 के अनुमानित वेतन के आधार पर एड-हॉक बोनस दिया जाएगा। यह राशि इस श्रेणी के कर्मचारियों को त्योहारी सीजन में आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए निर्धारित की गई है।


सेवा छोड़ने वाले कर्मचारी भी लाभान्वित:

डाक विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने 31 मार्च 2025 के बाद सेवानिवृत्ति ली, इस्तीफा दिया या प्रतिनियुक्ति पर गए, वे भी इस बोनस के लाभार्थी होंगे। ऐसे कर्मचारियों को बोनस प्रो-राटा आधार पर मिलेगा, यानी उनके कार्यकाल और योगदान के अनुसार बोनस की राशि तय होगी।


विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बोनस कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें अपने काम के प्रति अधिक प्रेरित करते हैं। खासतौर पर त्योहारी सीजन में यह वित्तीय राहत कर्मचारियों के लिए राहत का कारण बनती है। डाक विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए यह बोनस उनकी मेहनत की सराहना के साथ-साथ उन्हें त्योहारी खुशियों में आर्थिक सहयोग भी प्रदान करता है।


केंद्र सरकार की इस पहल को कर्मचारियों और उनके परिवारों द्वारा बहुत सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारियों की संतुष्टि और उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


संचार मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, डाक विभाग में यह बोनस पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप वितरित किया जाएगा। सभी पात्र कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था भी पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है।


इस तरह, दिवाली से पहले केंद्र सरकार और डाक विभाग ने अपने कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। यह कदम न केवल उनके आर्थिक हित में है, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल और विभाग की कार्यकुशलता को भी बढ़ाने में मदद करेगा।