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BPSC Chairman: BPSC अध्यक्ष की बढ़ सकती है परेशानी, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को जारी किया नोटिस; जानिए.. पूरा मामला

BPSC Chairman: बीपीएससी चेयरमैन की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसको लेकर बिहार सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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Mukesh Srivastava
2 मिनट

BPSC Chairman: सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद ऐसा माना जा रहा है की बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई की परेशानियां बढ़ सकता हैं।


दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस जनहित याचिका में बीपीएससी अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई की नियुक्ति को चुनौती देते हुए उनकी नियुक्ति को रद्द करने की मांग की गई है। इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।


जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि बीपीएससी अध्यक्ष के तौर पर परमार रवि मनुभाई की नियुक्ति पूरी तरह से अवैध है और मनमाने तरीके से उनकी नियुक्ति की गई है, जो लोक सेवा आयोग के अधिकारियों के लिए बेदाग चरित्र रखने की संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है। जनहित याचिका में दावा किया गया है कि परमार के खिलाफ भ्रष्टाचार और जालसाजी के आरोप हैं।


पीआईएल में परमार रवि मनुभाई की ईमानदारी को संदिग्ध बताया गया है और कहा गया है कि उनकी बीपीएससी अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति नहीं होनी चाहिए थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है। बता दें कि यह मामला 70वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच उठाया गया था। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता