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Anita Anand: गीता की शपथ ले कनाडा की पहली हिंदू महिला विदेश मंत्री बनी अनीता आनंद, किया बेहतर दुनिया का वादा

Anita Anand: भारतीय मूल की अनीता आनंद कनाडा की नई विदेश मंत्री बन गई हैं। गीता की शपथ लेकर उन्होंने बेहतर दुनिया का वादा किया है। जानिए इनकी कहानी...

Anita Anand
अनीता आनंद, कनाडा की नई विदेश मंत्री
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Deepak Kumar
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4 मिनट

Anita Anand: कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 13 मई 2025 को अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया, जिसमें भारतीय मूल की अनीता आनंद को विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है। अनीता ने पवित्र हिंदू ग्रंथ भगवद गीता पर हाथ रखकर शपथ ली और एक बेहतर व सुरक्षित दुनिया बनाने का वादा किया। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब कनाडा के अमेरिका और भारत के साथ रिश्ते तनावपूर्ण हैं।


अनीता आनंद कनाडा की पहली हिंदू महिला विदेश मंत्री बनी हैं। उन्होंने 13 मई को ओटावा के राइडो हॉल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भगवद गीता पर हाथ रखकर पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस दौरान उन्होंने कहा, "मैं कनाडा की विदेश मंत्री के तौर पर चुने जाने को लेकर सम्मानित महसूस करती हूं। मैं प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और हमारी टीम के साथ मिलकर एक बेहतर और सुरक्षित दुनिया बनाने के लिए काम करूंगी।"


अनीता ने यह भी वादा किया कि वह कनाडा के लोगों के लिए बेहतर परिणाम देने की कोशिश करेंगी। उनकी यह शपथ सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई, और कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति के वैश्विक मंच पर सम्मान के तौर पर देखा है। अनीता 2019 से ही शपथ के दौरान गीता का सहारा लेती रही हैं, जब वह पहली बार कनाडा की कैबिनेट में शामिल हुई थीं तब भी उन्होंने यही किया था। 


अनीता आनंद का जन्म 20 मई 1967 को नोवा स्कोटिया के केंटविल में हुआ था। उनके पिता तमिलनाडु और माता पंजाब से थे, जो 1960 के दशक में कनाडा आकर बसे। दोनों डॉक्टर थे और भारतीय मूल्यों को अपने बच्चों में डाला। अनीता ने क्वींस यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल स्टडीज में गोल्ड मेडल के साथ डिग्री ली, फिर ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी से ज्यूरिस्प्रूडेंस में डिग्री हासिल की। इसके बाद डलहौजी यूनिवर्सिटी से लॉ और यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो से मास्टर ऑफ लॉ की पढ़ाई पूरी की। 


उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक कॉरपोरेट वकील और प्रोफेसर के तौर पर की, जहां उन्होंने येल और टोरंटो यूनिवर्सिटी में पढ़ाया। 2019 में वह ओकविल से पहली बार सांसद चुनी गईं और उसी साल जस्टिन ट्रूडो की सरकार में पब्लिक सर्विसेज एंड प्रोक्योरमेंट मंत्री बनीं। कोविड-19 के दौरान उन्होंने वैक्सीन खरीद की जिम्मेदारी संभाली, जिसकी काफी तारीफ हुई। 2021 में वह रक्षा मंत्री बनीं और कनाडाई सेना में यौन उत्पीड़न के खिलाफ सुधारों को लागू करने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा, उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान कनाडा की ओर से यूक्रेन को सैन्य मदद दिलाने में भी योगदान दिया।


हाल ही में वह ट्रांसपोर्ट और इंटरनल ट्रेड मंत्री थीं, और अब मार्क कार्नी ने उन्हें विदेश मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है। मार्क कार्नी ने कैबिनेट को 39 से घटाकर 29 मंत्रियों का किया और अनीता को मेलानी जोली की जगह विदेश मंत्रालय दिया। अनीता की नियुक्ति भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इधर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उन्हें बधाई देते हुए कहा, "अनीता आनंद को कनाडा की विदेश मंत्री बनने पर बधाई। उनके नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।"