Air India Flight Emergency Landing: फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विमान से हाईजैकिंग से जुड़ा एक बेहद गंभीर सिग्नल मिला। भारतीय एयरस्पेस में दाखिल होने के बाद पायलट की ओर से कथित तौर पर '7500' कोड भेजे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। इसके बाद विमान को दिल्ली ले जाने के बजाय जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। विमान ने जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। राहत की बात यह है कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
दरअसल, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। उड़ान सामान्य रूप से आगे बढ़ रही थी, लेकिन भारतीय हवाई क्षेत्र में पहुंचने के बाद अचानक सुरक्षा एजेंसियों को विमान से इमरजेंसी सिग्नल मिलने की सूचना मिली। कुछ ही समय में पूरे सिस्टम में हलचल तेज हो गई और विमान की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका पैदा हो गई।
एक कोड ने बढ़ा दी चिंता
सबसे ज्यादा चिंता उस वक्त बढ़ी, जब कथित तौर पर विमान के पायलट ने अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को 7500 कोड भेजा। एविएशन की भाषा में यह कोड बेहद संवेदनशील माना जाता है। आम तौर पर इसका इस्तेमाल विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या हाईजैकिंग जैसी स्थिति का संकेत देने के लिए किया जाता है।
कोड मिलते ही संबंधित एजेंसियों ने निर्धारित इमरजेंसी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया। विमान की स्थिति पर नजर रखी जाने लगी और उसे दिल्ली की जगह जयपुर उतारने का फैसला लिया गया। जयपुर एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए तमाम सुरक्षा इंतजाम तत्काल तैयार कर दिए गए।
जयपुर एयरपोर्ट पर बना सुरक्षा घेरा
विमान के जयपुर पहुंचते ही उसे सामान्य पार्किंग क्षेत्र में ले जाने के बजाय आइसोलेशन-बे में भेजा गया। इसका मकसद विमान को दूसरे विमानों और यात्रियों से अलग रखना था, ताकि सुरक्षा एजेंसियां बिना किसी जोखिम के उसकी जांच कर सकें।
लैंडिंग के बाद सुरक्षा एजेंसियों की टीमें विमान के भीतर पहुंचीं। दोनों पायलट और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद यात्रियों और उनके सामान की भी जांच की गई। विमान के आसपास के इलाके को खाली कराकर सुरक्षा घेरा बनाया गया।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) की टीम को भी मौके पर तैनात किया गया। वहीं दिल्ली में भी राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को अलर्ट मोड में रखा गया।
क्या विमान में सचमुच था कोई खतरा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर विमान से 7500 कोड क्यों भेजा गया? क्या विमान के अंदर वास्तव में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि हुई थी या फिर किसी तकनीकी अथवा मानवीय कारण से यह कोड ट्रांसमिट हुआ? सुरक्षा एजेंसियां विमान के अंदर और बाहर दोनों स्तरों पर जांच कर रही हैं। फिलहाल जांच का फोकस इस बात पर है कि पायलट तक ऐसी कौन-सी स्थिति पहुंची, जिसके कारण हाईजैकिंग वाला कोड भेजा गया।
फ्रैंकफर्ट से रात में भरी थी उड़ान
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightRadar24 के मुताबिक, एयर इंडिया की AI-2030 फ्लाइट ने 13 अक्टूबर की रात करीब 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरी थी। विमान को 14 अक्टूबर की सुबह करीब 10:40 बजे दिल्ली पहुंचना था। लेकिन भारतीय एयरस्पेस में पहुंचने के बाद मिले हाईजैक अलर्ट के कारण विमान का रूट बदल दिया गया और उसे जयपुर उतारा गया।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि विमान सुरक्षित तरीके से जयपुर एयरपोर्ट पर उतर चुका है और सभी यात्री सुरक्षित हैं। अब जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि हाईजैकिंग का सिग्नल आखिर क्यों भेजा गया और इसके पीछे वास्तविक वजह क्या थी।





