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AI voice payment: बोलो और पेमेंट करो – AI रखेगा अब फ्रॉड पर नज़र

AI voice payment: अब आप सिर्फ बोलकर UPI पेमेंट कर सकते हैं और फ्रॉड से सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। भारत में तकनीक ने भुगतान के तरीके को न केवल आसान बनाया है, बल्कि इसे अधिक सुरक्षित और सुलभ भी कर दिया है।

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डिजिटल इंडिया का नया रूप
© Google
Nitish Kumar
Nitish Kumar
3 मिनट

AI voice payment: कल यानि 11 मई को वर्ल्ड टेक्नोलॉजी डे है ,इस मौके पर भारत एक और बड़ी छलांग लगाने को तैयार है। अब वो दिन दूर नहीं जब आप सिर्फ बोलकर किसी को पैसे भेज सकेंगे। जैसे ही आप कहेंगे, "गूगल पे, मम्मी को पांच सौ रुपये भेजो", आपका फोन बिना कुछ टाइप किए पेमेंट कर देगा।


ये तकनीक खासकर उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी जो तकनीक में उतने पारंगत नहीं हैं — जैसे बुजुर्ग, दृष्टिहीन या गांव के लोग जिन्हें मोबाइल ऐप्स चलाना मुश्किल लगता है। अच्छी बात यह है कि यह सुविधा अब सिर्फ अंग्रेज़ी या हिंदी तक सीमित नहीं रहेगी। जल्द ही यह भोजपुरी, तमिल, मराठी समेत दस से ज्यादा भाषाओं में उपलब्ध होगी।


इस बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी बैकग्राउंड में बड़ी भूमिका निभाने वाला है। जैसे ही आपके अकाउंट में कोई संदिग्ध गतिविधि होती है, AI तुरंत आपको अलर्ट करेगा। वो आपके व्यवहार को समझकर पहचान लेगा कि कौन सा ट्रांजैक्शन असामान्य है और कब कोई फ्रॉड हो सकता है। जरूरत पड़ने पर वह पेमेंट को रोक भी देगा।


बता दे कि UPI का दायरा भी अब सिर्फ 'पेमेंट करो और हो गया' तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें एक नई सुविधा जुड़ रही है — अब आप UPI से उधार लेकर पेमेंट कर सकेंगे, और कुछ दिनों के भीतर उसे वापस चुका सकेंगे। जैसे कोई किताब खरीदनी हो, या इमरजेंसी में कुछ जरूरत का सामान, तो तुरंत पेमेंट हो जाएगा, और बाद में आप धीरे-धीरे उसका भुगतान कर सकेंगे।


इस सबका सबसे बड़ा फायदा गांव और छोटे कस्बों को मिलेगा। जहां अभी भी बहुत से लोग बैंक और ATM की लाइन में लगते हैं, वहां अब मोबाइल पर बोलकर ही पेमेंट हो पाएगा। किसान, सब्ज़ी वाले, या दूध बेचने वाले भी आसानी से डिजिटल लेनदेन कर सकेंगे , वो भी अपनी भाषा में, बिना किसी डर या झिझक के। डिजिटल इंडिया का सपना अब और अधिक इंसानी हो चला है। जहां तकनीक सिर्फ स्मार्ट नहीं, संवेदनशील भी बन रही है|  


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