1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 08, 2025, 9:19:46 AM
अरुण भारती लोजपा (रामविलास ) - फ़ोटो FILE PHOTO
BIHAR ELECTION 2025 : बिहार में अगले कुछ महीनों में विधानसभा का चुनाव होना है। ऐसे में इस चुनाव को लेकर फिलहाल जितनी भी राजनीतिक पार्टियां हैं उनके अंदर सीट बंटवारे को लेकर चर्चा का दौर तेज है। इसके साथ ही जो भी पार्टी गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली है, उनके अंदर यह भी चल रहा है कि उन्हें गठबंधन के अंदर कितनी सीट दी जाएगी। ऐसे में हर कोई अपने बड़े सहयोगी पर दबाव बनाने में लगी हुई है। इसी कड़ी में लोजपा (रामविलास) के सांसद भी लगातार एनडीए के अंदर दबाव बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
लोजपा (रामविलास) के सांसद और पार्टी के सर्वमान्य नेता के जीजाजी अरुण भारती ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए भाजपा को आंख दिखाने की कोशिश की है कि यदि उन्हें उनकी हैसियत के हिसाब से सीट नहीं मिल पाती है तो वह अकेले भी चुनाव लड़ने को सक्षम हैं। उन्होंने कहा है कि उनके पास सभी सीटों पर उम्मीदवार देने की ताकत है।
अरुण भारती ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि कार्यकर्ता ही हमारी पार्टी की असली रीढ़ हैं। पार्टी के लिए जी-जान से मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की यह स्वाभाविक उम्मीद होती है कि एक दिन उन्हें भी पार्टी की तरफ से जनप्रतिनिधि बनकर जनता की सेवा करने का अवसर मिले।
2020 में जब गठबंधन धर्म के कारण हम अपने कार्यकर्ताओं की इस भावना और उम्मीदों को पूरा नहीं कर सके, तब हमने अकेले चुनाव लड़ने का साहसिक निर्णय लिया। यह केवल चुनावी राजनीति नहीं थी, बल्कि अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान था।
भले ही उस चुनाव में हम केवल एक सीट जीत पाए, लेकिन सच्चाई यह है कि 137 सीटों पर चुनाव लड़कर हमें 6% वोट मिला था। अगर हम पूरे 243 सीटों पर चुनाव लड़ते, तो हमारा वोट प्रतिशत 10% से भी अधिक होता। यह हमारे कार्यकर्ताओं की ताकत और जनता के विश्वास का जीता-जागता सबूत था।
असल में, यह हमारी रणनीतिक चाल और राजनीतिक चरित्र का हिस्सा रहा है। 2020 ने साफ कर दिया कि अगर बिहार की राजनीति में कोई पार्टी अकेले चुनाव लड़ने का माद्दा रखती थी, तो वह केवल लोक जनशक्ति पार्टी थी।
मालूम हो कि 2020 विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने नीतीश कुमार के विरोध में एनडीए से अलग होकर अकेले ही मैदान में उतरे थे। उनकी पार्टी लोजपा (तब पार्टी में टूट नहीं हुई थी) ने 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से ज्यादातर सीटें जेडीयू की थीं। हालांकि नतीजे चिराग के पक्ष में नहीं रहे। 135 में सिर्फ मटिहानी सीट पर जीत मिली। 9 सीटों पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही। वहीं कुल 5.64% वोट मिले थे।
आपको बताते चलें कि एनडीए के अंदर अभी सीट बंटवारे को लेकर कोई चर्चा का दौर शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में अभी तक सीटों को लेकर चिराग पासवान ने खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेताओं के मुताबिक 40-50 सीटों पर उनकी दावेदारी है। फिलहाल एनडीए में भाजपा-जेडीयू समेत 5 दल हैं, ऐसे में लगता नहीं है कि एलजेपी(आर) को 25-30 से अधिक सीट मिल पाएंगी।