Bihar Politics : दलित वोट बैंक की जंग! पटना में 28 फरवरी को जीतनराम मांझी का शक्ति प्रदर्शन, रथ रवाना

Bihar Politics : जीतनराम मांझी 28 फरवरी को पटना में दलित समागम का आयोजन करेंगे, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है. इसका उद्देश्य आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में दलित वोट बैंक पर पकड़ मजबूत करना है.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 20, 2025, 1:38:46 PM

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Bihar Politics - फ़ोटो REPOTER

Bihar Politics : 28 फरवरी को हम पार्टी द्वारा पटना के गांधी मैदान में दलित समागम रैली का आयोजन किया जायेगा। हम पार्टी के संस्थापक जीतन राम मांझी और अध्यक्ष डॉ संतोष मांझी द्वारा इसको लेकर सभी तैयारी कर ली गई है। इसी कड़ी में आज पटना में इस रैली को लेकर रथ रवाना किया गया है। यह रथ लोगों को इस रैली के बारे में जानकारी देगा। 


जानकारी के मुताबिक, जीतन राम मांझी और संतोष सुमन के तरफ से बुलाई जा रही इस दलित समागम रैली में 11 सूत्री एजेंडों पर विचार किया जाएगा। जसिमें माता सबरी समान योजना के तहत 2000 रुपये प्रति माह, बालिकाओं के लिए नि:शुल्क शिक्षा, शिक्षा सेवक, रसोइया, आशा दीदी, ममता दीदी, टोला सेवक, विकास मित्र का पूर्ण समायोजन, 200 यूनिट तक नि:शुल्क बिजली, 5000 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता, श्रमवीर पर्वत पुरुष बाबा दशरथ मांझी व प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह को भारतरत्न से सम्मानित करने सहित 11 सूत्री एजेंडों के साथ कार्यक्रम में शामिल होंगे। 


इसको लेकर हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रवक्ता ने कहा कि आगामी 28 फरवरी को पटना के गांधी मैदान में दलित समागम की एक महारैली होने जा रही है। इसी के संबंध मेंविभिन्न जिलों में भ्रमण कर संगठन के लोगों को आमंत्रण दिया जा रहा है। ताकि बड़ी संख्या में पटना पहुंच कर दलित समागम को सफल बनाया जा सके। 


उन्होंने कहा कि यह समागम दलितों के राजनीति में मील का पत्थर साबित होगा। दलित समागम का मुख्य उद्देश्य आजादी के 78 साल बीत जाने के बाद भी आज भी समाज के लोग जीवन-जीविका के लिए संघर्षरत कर रहे हैं। जीतनराम मांझी गरीबों के नेता हैं। वे इनके आवाज को पूरी ताकत के साथ हमेशा उठाते रहे हैं।  जीतनराम मांझी जब मुख्यमंत्री थे, तब एससी-एसटी कम्युनिटी के लिए बहुत काम किये। इसमें मुख्य रूप से आर्थिक सबलता और आर्थिक रूप से ताकत देने के लिए ठेकेदारी में आरक्षण की व्यवस्था की थी। इसमें 75 लाख लोगों जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हैं, उन्हें आरक्षण देकर सबल बनाने का योजना था। कहीं न कहीं यह योजना भी पेंडिंग है पूरी तरह से धरातल पर नहीं है। 


इधर,  28 फरवरी को आयोजित समागम में बिहार समेत झारखंड, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, अंडमान निकोबार, केरल, तामिलनाडु, महाराष्ट्र आदि जगहों के लोग शामिल रहेंगे। इस समागम में गरीब लोगों का उत्थान कैसे हो, आर्थिक रूप से कैसे मजबूत हो, हमारा राजनीतिक शाख कैसे बढ़े, सामाजिक एकजुटता कैसे प्रदर्शित हो, इस पर विचार-विमर्श किया जाएगा।