Patna Metro : पटना मेट्रो को मिली बड़ी राहत, राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे टनल बनाने की मिली मंजूरी; इस दिन से शुरू होगा काम

पटना मेट्रो कॉरिडोर-2 में मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच टनल खुदाई 12 मार्च से फिर शुरू होगी। रेलवे से NOC मिलने के बाद रुका हुआ काम दोबारा शुरू होगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 10, 2026, 7:28:09 AM

Patna Metro : पटना मेट्रो को मिली बड़ी राहत, राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे टनल बनाने की मिली मंजूरी; इस दिन से शुरू होगा काम

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Patna Metro : पटना में निर्माणाधीन पटना मेट्रो परियोजना के कॉरिडोर-2 के तहत मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच टनल खुदाई का काम 12 मार्च से फिर शुरू होने जा रहा है। इस संबंध में रेलवे ने पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (PMRCL) को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दे दिया है। रेलवे से अनुमति मिलने के बाद अब रुका हुआ निर्माण कार्य दोबारा गति पकड़ेगा।


दरअसल, मोइनुल हक स्टेडियम से टनल खुदाई का कार्य पहले ही शुरू कर दिया गया था। लेकिन राजेंद्र नगर टर्मिनल के पहले रेलवे लाइन के समीप टनल बनाने के लिए रेलवे की अनुमति आवश्यक थी। रेलवे से एनओसी नहीं मिलने के कारण दिसंबर 2025 में निर्माण कार्य को रोकना पड़ा था। करीब तीन महीने तक काम बंद रहने से परियोजना की समयसीमा पर भी असर पड़ा है और टनल निर्माण में कुछ देरी होने की संभावना जताई जा रही है।


परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल होते हुए मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के पहले तक लगभग 1800 मीटर लंबी टनल तैयार की जानी है। इसमें मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच लगभग 800 मीटर तक टनल का निर्माण होना है। इस हिस्से में खुदाई के लिए पटना मेट्रो ने दो टनल बोरिंग मशीन (TBM) को लगाया था और कार्य तेजी से चल रहा था, लेकिन रेलवे से मंजूरी नहीं मिलने के कारण इसे रोकना पड़ा।


बताया जा रहा है कि मोइनुल हक स्टेडियम से शुरू हुई टनल पटना-हावड़ा मेन रेलवे लाइन के नीचे से गुजरते हुए राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे से पार करेगी। इसके बाद यह कंकड़बाग ओल्ड बाईपास के नीचे बन रहे राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन तक पहुंचेगी। चूंकि रेलवे भी राजेंद्र नगर टर्मिनल को विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है, इसलिए टनल के एलाइनमेंट को लेकर रेलवे और मेट्रो अधिकारियों के बीच मंथन चल रहा था।


रेलवे यह सुनिश्चित करना चाहता था कि मेट्रो टनल के निर्माण से भविष्य में राजेंद्र नगर टर्मिनल के विकास कार्यों पर कोई असर न पड़े। इसी कारण रेलवे ने टनल के एलाइनमेंट, सुरक्षा मानकों और भविष्य की योजनाओं का तकनीकी परीक्षण किया। सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद रेलवे ने आखिरकार पटना मेट्रो को एनओसी दे दिया है, जिससे अब निर्माण कार्य फिर से शुरू किया जा सकेगा।


महत्वपूर्ण बात यह है कि राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन का सीधा कनेक्शन राजेंद्र नगर टर्मिनल से भी किया जाएगा। इससे यात्रियों को ट्रेन और मेट्रो के बीच आसान और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। भविष्य में यह इलाका पटना शहर का एक महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट हब बन सकता है।


पटना मेट्रो कॉरिडोर-2 में पहले भी कई हिस्सों में टनल निर्माण का कार्य पूरा किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार मोइनुल हक स्टेडियम से पटना विश्वविद्यालय के बीच लगभग 1480 मीटर लंबी टनल तैयार की जा चुकी है। वहीं गांधी मैदान से आकाशवाणी होते हुए पटना जंक्शन तक करीब 1450 मीटर में टनल का निर्माण भी पूरा हो गया है।


पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की एपीआरओ अर्चना कुमारी ने बताया कि राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे से टनल खुदाई के लिए रेलवे से मंजूरी मिल गई है। अब 12 मार्च से दोबारा खुदाई का कार्य शुरू किया जाएगा और इसे जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।


पटना मेट्रो परियोजना को राजधानी के लिए एक बड़ी परिवहन सुविधा माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है और लोगों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।