1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 02, 2025, 8:21:17 AM
ओवैसी और तेजस्वी - फ़ोटो Google
Bihar Vidhansabha Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज हो गई हैं, और इस बार ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने जोरदार वापसी का ऐलान कर दिया है। पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने साफ कर दिया कि AIMIM न सिर्फ चुनाव लड़ेगी, बल्कि सीमांचल के लोग उन लोगों को सबक सिखाएंगे, जिन्होंने उनकी पार्टी के विधायकों को 'चुराया'। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में AIMIM ने सीमांचल में पांच सीटें जीती थीं, लेकिन चार विधायक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में शामिल हो गए थे। अब ओवैसी इस 'धोखे' का जवाब देने के लिए कमर कस चुके हैं।
हैदराबाद के सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में RJD पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "2020 में सीमांचल के लोगों ने AIMIM पर भरोसा जताया, लेकिन RJD ने पैसे और सत्ता के दम पर हमारे चार विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया। यह सीमांचल के लोगों के साथ धोखा है। अब बिहार की जनता, खासकर सीमांचल, ऐसे दलबदलुओं को सबक सिखाएगी।" ओवैसी ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी इस बार पहले से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और सीमांचल में अपनी पकड़ को और मजबूत करेगी।
AIMIM ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने बहादुरगंज सीट से अपने उम्मीदवार के तौर पर तौसीफ आलम को मैदान में उतारा है, जो पहले कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे हैं। ओवैसी ने ऐलान किया कि वह 3 और 4 मई को बिहार के सीमांचल क्षेत्र में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इन सभाओं में वह सीमांचल के विकास, बाढ़ की समस्या, और क्षेत्र की उपेक्षा जैसे मुद्दों को उठाएंगे। AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने भी कहा कि पार्टी इस बार मजबूत संगठन और रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी।
सीमांचल, जो बिहार के उत्तर-पूर्व में स्थित है, चार जिलों पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, और अररिया का क्षेत्र है। इस क्षेत्र में 24 विधानसभा सीटें हैं, जहां मुस्लिम आबादी 40 से 70 प्रतिशत तक है। 2020 के विधानसभा चुनाव में AIMIM ने सीमांचल में पांच सीटें अमौर, कोचाधाम, जोकीहाट, बायसी, और बहादुरगंज जीती थीं। हालांकि, चार विधायकों के RJD में शामिल होने से पार्टी को झटका लगा, लेकिन ओवैसी का दावा है कि सीमांचल के लोग अब AIMIM के साथ और भी मजबूती से खड़े हैं।