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Bihar News: मेयर और मुख्य पार्षद को मिलने जा रहा बड़ा अधिकार, नगर पालिका की बैठक में बाहरी लोगों को बुलाने की छूट...सरकार बना रही नया नियम

बिहार विधानसभा के अंतिम सत्र में नीतीश सरकार ला रही है नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2025। अब मेयर और मुख्य पार्षद को नगर पालिका की बैठक में सीमित संख्या में दर्शक बैठाने का अधिकार मिलेगा। जानें क्या हैं विधेयक के अन्य बड़े बदलाव।

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Viveka Nand
2 मिनट

Bihar News: बिहार विधानसभा के अंतिम सत्र में नीतीश सरकार एक बड़ा निर्णय लेने जा रही है. नगरपालिका के मुख्य पार्षदों और मेयर को बड़ा अधिकार देने जा रही है. इसके लिए चालू सत्र में बिहार नगरपालिका (सेशोधन) विधेयक-2025 लाया गया है. सत्र के पहले दिन इस विधेयक को सदन पटल पर रखा गया. इस विधेयक के पास होने पर मुख्य पार्षदों- मेयर को नगर पालिका की बैठक में चहेते-परिवार के सदस्यों को दर्शक के रूप में बैठाने का अधिकार होगा. यानि मेयर या उप मुख्य पार्षदों को बड़ा हथियार मिलने जा रहा है.

नगर पालिका की बैठक में मुख्य पार्षद बाहरी को भी दर्शक के रूप में बिठा सकेंगे 

विधि विभाग की तरफ से बिहार नगर पालिका (संशोधन) विधेयक 2025 लाया गया है. विधेयक के माध्यम से धारा 55 की उपधारा (1) में संशोधन प्रस्तावित है. धारा 55 की उपदारा (1) के वर्तमान प्रावधान को नई उपधारा (1) के द्वारा प्रतिस्थापित किया जाना है. अब नगर पालिका की प्रत्येक बैठक में पार्षदों और मुख्य नगर पालिका अधिकारी या उनके द्वारा नामित कोई अन्य अधिकारी के द्वारा भाग लिया जायेगा. जबकि सीमित संख्या जो सरकार द्वारा तय की जायेगी, इसके तहत दर्शक भी मुख्य नगर पार्षद की अनुमति से वहां उपस्थित हो सकेंगे. 

धारा 60 में भी संसोधन होगा.

इसके तहत प्रत्येक बैठक की कार्यवाही मुख्य पार्षद अथवा बैठक की अध्यक्षता करने वाले पार्षद द्वारा बैठक के आयोजन की तिथि से पंद्रह दिनों के भीतर हस्ताक्षर कर जारी करना होगा. 

धारा 143 की उपधारा (1) में संशोधन 

इसके तहत कोई व्यक्ति जो मुख्य नगर पालिका अधिकारी या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत किसी अन्य अधिकारी के आदेश से असतुष्ट है तो वह ऐसे आदेश के 30 दिनों के भीतर जिला न्यायाधीश के समक्ष अपील कर सकता है. जिसके अधिकार क्षेत्र में उक्त नगर पालिका है . 


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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता

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