1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 12 Nov 2025 07:32:59 AM IST
बिहार चुनाव 2025 - फ़ोटो GOOGLE
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान के बाद अब राज्यभर में वोटों की गिनती की तैयारियां तेज हो गई हैं। 14 नवंबर को पटना समेत राज्य के कुल 46 मतगणना केंद्रों पर मतगणना की जाएगी। चुनाव आयोग ने मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि सभी मतगणना केंद्रों के समीप स्थित स्ट्रॉन्ग रूम (वज्रगृह) में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इन स्ट्रॉन्ग रूम्स में ईवीएम मशीनों को सुरक्षित रखा गया है और उनकी सीसीटीवी कैमरे से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। प्रत्येक केंद्र पर उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को भी निगरानी के दौरान उपस्थित रहने की अनुमति दी गई है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
उन्होंने बताया कि सभी ईवीएम मशीनों को तय समय पर स्ट्रॉन्ग रूम से निकालकर मतगणना केंद्रों तक लाया जाएगा, जहां वोटों की गिनती की जाएगी। इसके लिए सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है।
चुनाव आयोग ने बताया कि दो दिन पहले मुख्यालय से एक विशेष निरीक्षण टीम भेजकर सभी स्ट्रॉन्ग रूम की जांच कराई गई थी। जांच के दौरान एक केंद्र पर सीसीटीवी डिस्प्ले तार में तकनीकी समस्या मिली थी, जिसे तुरंत ठीक कर दिया गया। अब सभी कैमरे पूरी तरह सक्रिय हैं, और फुटेज उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी दिखाए गए हैं। साथ ही, सभी निगरानी केंद्रों पर एक अतिरिक्त बैकअप ग्रिड तैयार किया गया है ताकि किसी भी स्थिति में सुरक्षा में ढिलाई न हो।
मतदान से जुड़ी शिकायतों को लेकर सीईओ ने बताया कि दोनों चरणों के मतदान के दौरान कुल 35 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 5 पहले चरण में और 30 दूसरे चरण में मिली थीं। सभी शिकायतों का तुरंत निपटारा किया गया। इसके लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम के अलावा जिला नियंत्रण कक्ष और निर्वाची पदाधिकारी कार्यालयों में विशेष कक्ष बनाए गए थे।
वहीं, मतगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कुल 1050 मतगणना कर्मियों और अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण का प्रशिक्षण 10 नवंबर को दिया गया था, जबकि दूसरा प्रशिक्षण सत्र 13 नवंबर को आयोजित होगा।
कार्यक्रम की देखरेख एसईओ अनिल कुमार पटेल कर रहे हैं, और छह मास्टर ट्रेनर्स की टीम मतदान कर्मियों को मतगणना प्रक्रिया के हर पहलू पर प्रशिक्षित कर रही है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतगणना दिवस पर केंद्रीय बलों और जिला पुलिस की तैनाती तीन रिंगों में की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। पहले रिंग में स्ट्रॉन्ग रूम, दूसरे में मतगणना हॉल, और तीसरे में बाहरी क्षेत्र की सुरक्षा रहेगी।
इस बीच, बिहार की जनता अब 14 नवंबर को होने वाले नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रही है। सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि आखिर बिहार की सत्ता की कुर्सी नीतीश कुमार या तेजस्वी यादव में से किसके हिस्से में जाती है।