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Bihar Election 2025: बिहार में वोटरों को पोलिंग बूथ पर मिलेगी यह नई सुविधा, सीनियर सिटीजन को लेकर भी आयोग ने लिया बड़ा फैसला

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर निर्वाचन आयोग ने व्यापक तैयारियां तेज कर दिया हैं। चुनाव आयोग आयोग का इस बार का फोकस न सिर्फ निष्पक्ष चुनाव कराने पर है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने पर है कि हर मतदाता को मतदान केंद्रों पर...

Bihar Election 2025
बिहार चुनाव 2025
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर निर्वाचन आयोग ने व्यापक तैयारियां तेज कर दिया हैं। चुनाव आयोग आयोग का इस बार का फोकस न सिर्फ निष्पक्ष चुनाव कराने पर है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने पर है कि हर मतदाता को मतदान केंद्रों पर अधिकतम सुविधा मिले। इसी उद्देश्य से चुनाव आयोग ने कई नई व्यवस्थाएँ लागू की हैं और कुछ पुराने नियमों में बदलाव भी किया है।


आयोग ने यह लक्ष्य रखा है कि किसी भी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता न हों। इससे मतदान केंद्रों पर भीड़ नियंत्रित रहेगी और मतदाताओं को सहजता से वोट डालने का अवसर मिलेगा। मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बिहार में पोलिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 90,712 कर दी गई है। इनमें औसतन प्रति केंद्र 818 मतदाता होंगे। इसके अलावा, महिला प्रबंधित 1,044 पोलिंग स्टेशन और 1,350 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जहां मतदाताओं के लिए आदर्श सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।


हर पोलिंग स्टेशन पर वेब कास्टिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि वरिष्ठ अधिकारी रियल टाइम में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी कर सकें। आयोग का कहना है कि तकनीकी मॉनिटरिंग से पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगी।


बिहार के कुछ इलाकों में पोलिंग प्रक्रिया को लेकर दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां हैं। दियारा क्षेत्र में करीब 250 पोलिंग स्टेशन ऐसे हैं जहां घोड़े से पेट्रोलिंग की जाती है, जबकि लगभग 197 मतदान केंद्र ऐसे हैं जहाँ पोलिंग पार्टियाँ नाव से पहुंचती हैं। यह चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि चाहे इलाका कितना भी दुर्गम क्यों न हो, हर मतदाता तक लोकतंत्र की पहुं च सुनिश्चित की जाएगी।


निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर “एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटी” (AMF) होनी चाहिए। इसमें पोल वालंटियर, हेल्प डेस्क, रैंप, टॉयलेट, ड्रिंकिंग वॉटर, टीनेज ज़ोन (शेड) और पर्याप्त रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएँ शामिल हैं। साथ ही, प्रत्येक केंद्र पर वाटर फैसिलिटेशन सेंटर भी बनाया जाएगा ताकि मतदाताओं को पीने के पानी की कोई दिक्कत न हो।


वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए भी आयोग ने विशेष इंतजाम किए हैं। जिन मतदाताओं की उम्र 85 वर्ष से अधिक है या जिनकी शारीरिक दिव्यांगता 40% से अधिक है, वे घर बैठे मतदान के लिए फॉर्म 12D भर सकते हैं। इसके अलावा, मतदान केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर बनाए जाएंगे, रैंप का ढलान 1:12 के अनुपात में रहेगा और आवश्यकतानुसार व्हीलचेयर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पोल वालंटियर इन्हें मतदान में सहायता करेंगे ताकि वे बिना परेशानी के अपना मत दे सकें।


सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग ने सभी अधिकारियों को “जीरो टॉलरेंस टू वायलेंस” का सख्त निर्देश दिया है। मतदाताओं की सुरक्षा के साथ-साथ मोबाइल फोन से जुड़ी नई व्यवस्था भी लागू की गई है। अब मतदाता अपना मोबाइल फोन मतदान केंद्र तक ले जा सकते हैं, परंतु मतदान से पहले उन्हें यह फोन बूथ के बाहर निर्धारित स्थान पर जमा कराना होगा। मतदान के बाद वे अपना मोबाइल सुरक्षित रूप से वापस ले सकेंगे।


चुनाव आयोग हर मतदाता को वोटर इन्फॉर्मेशन स्लिप भी देगा, जिसमें मतदान केंद्र का नाम, पता, बूथ नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि कोई भी मतदाता बूथ बदलने या सूचना की कमी के कारण अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए। इन सभी पहलों से साफ है कि बिहार चुनाव 2025 में निर्वाचन आयोग का उद्देश्य सिर्फ मतदान कराना नहीं, बल्कि हर नागरिक को सम्मान, सुरक्षा और सुविधा के साथ लोकतंत्र का हिस्सा बनाना है।