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पटना पुलिस का कारनामा: एक केस में एक ही आरोपी पर दो नाम से कर दिया चार्जशीट, कोर्ट ने कहा-तुरंत जेल से रिहा करो

PATNA: बिहार की राजधानी पटना में पुलिस का बेजोड़ कारनामा सामने आया है. एक केस में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. आरोपी को कोर्ट से जमानत मिल गयी तो वह रिहा हो गया. पुलिस ने

पटना पुलिस का कारनामा: एक केस में एक ही आरोपी पर दो नाम से कर दिया चार्जशीट, कोर्ट ने कहा-तुरंत जेल से रिहा करो
Mukesh Srivastava
5 मिनट

PATNA: बिहार की राजधानी पटना में पुलिस का बेजोड़ कारनामा सामने आया है. एक केस में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. आरोपी को कोर्ट से जमानत मिल गयी तो वह रिहा हो गया. पुलिस ने फिर उसे उसी केस में पकडा और दूसरा नाम बताकर जेल भेज दिया. हद देखिये कि उसी एक आरोपी का दो अलग-अलग नाम बताकर उसके खिलाफ चार्जशीट भी कर दिया. कोर्ट में पुलिस का ये कारनामा सामने आया तो जज भी हैरान रह गये. जज ने आरोपी को तत्काल जेल से रिहा करने का आदेश दिया है.


NDPS कोर्ट में सामने आया कारनामा

पुलिस का ये कारनामा पटना में एनडीपीएस एक्ट की विशेष कोर्ट में सामने आया है. एनडीपीएस कोर्ट के जज मनीष कुमार द्विवेदी की कोर्ट में पटना पुलिस के इस कारनामे की शिकायत पहले ही की गयी थी. कोर्ट ने पटना एसएसपी से रिपोर्ट तलब की थी. विशेष कोर्ट ने पटना एसएसपी से पूछा था कि क्या फैजान तबरेज और लाल बाबू एक ही आदमी हैं. अगर ये दोनों नाम एक ही आदमी के हैं तो उन्हें पुलिस ने दो अलग-अलग नाम से गिरफ्तार कर क्यों जेल भेजा. फिर एक ही आदमी पर दो अलग अलग नाम से चार्जशीट क्यों कर दी.


कोर्ट के आदेश के बाद पटना के एसएसपी ने इस मामले पर अपनी जांच रिपोर्ट विशेष कोर्ट में दाखिल की है. रिपोर्ट में कहा गया कि अभियुक्त मो. फैजान तबरेज और लालबाबू एक ही आदमी हैं. उसके खिलाफ दर्ज मामले का अनुसंधान करने वाले पुलिस अधिकारी ने गलत चार्जशीट दायर किया है. पटना एसएसपी की रिपोर्ट से पुलिस के कारनामे का खुलासा हो गया.


कोर्ट ने कहा-आऱोपी को रिहा करो

एसएसपी की रिपोर्ट के बाद एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने गलत चार्जशीट दायर कर चल रहे मुकदमे की प्रक्रिया को बंद कर दिया. कोर्ट ने फैजान तबरेज नाम के व्यक्ति को तुरंत जेल से रिहा करने आदेश दिया है. पुलिस ने उसका नाम लाल बाबू बताकर उसे न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया था. विशेष कोर्ट ने डीजीपी और एसएसपी को इस बड़े आपराधिक मामले में इतनी बड़ी लापरवाही करने वाले पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है.


स्मैक बेचने के मामले में पुलिस का खेल

मामला स्मैक बेचने का है. पटना के फुलवारी थाने की पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लड़के इसोपुर पुल के पास स्मैक की पुड़िया बेच रहे हैं. पुलिस ने छापेमारी की तो एक व्यक्ति गिरफ्तार हुए औऱ तीन फरार हो गए. पकड़े गए युवक ने अपना नाम फैजान तबरेज, पिता मो. सुहैल, मुहल्ला- गुलस्तान, थाना- फुलवारी बताया. पुलिस ने कहा कि फैजान तबरेज के पास से छह पुड़िया स्मैक बरामद हुआ था. लिहाजा उसे जेल भेज दिया गया.


पुलिस के मुताबिक फैजान तबरेज ने पूछताछ में बताया था कि स्मैक बेचने के काम में मो. मोटरा, लालबाबू, पिता मो. सुहैल और मो. मून नाम के युवक भी शामिल थे, जो छापेमारी के दौरान भाग खड़े हुए थे. फुलवारी थाने ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया और दारोगा पूनम कुमारी को अनुसंधान का जिम्मा दिया. अनुसंधानकर्ता पूनम कुमारी ने इस मामले में फैजान तबरेज और मो. मोटरा उर्फ नौशाद पर विशेष कोर्ट में चार्जशीट दायर किया गया. चार्जशीट में यह कहा गया कि दो और आरोपी लालबाबू और मो. मुन पर अनुसंधान जारी है.


उधर, इस कांड में जेल भेजे गये आरोपी मो. फैजान तबरेज को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गयी और वह रिहा हो गया. लेकिन फुलवारी थाने की पुलिस ने जमानत पर रिहा फैजान तबरेज को फिर से गिरफ्तार कर लिया. इस बार उसका नाम लाल बाबू पिता मो. सुहैल बताया और उसी केस में उसे फिर से जेल भेज दिया. फैजान को लालबाबू करार देते हुए उस पर कोर्ट में एक औऱ चार्जशीट भी दायर कर दिया. कोर्ट में जब ये बात आयी कि एक ही आरोपी का दो नाम बता कर दो दफे एक ही कांड में जेल भेजा गया औऱ उसी पर दो चार्जशीट भी कर दिया गया तो कोर्ट ने एसएसपी से रिपोर्ट मांगी थी. एसएसपी की रिपोर्ट में पुलिस का कारनामा सामने आ गया.