ब्रेकिंग
Bihar land : बिहार में जमीन मालिकों के लिए बड़ी खबर! जमाबंदी में होगी गड़बड़ी की जांच, मृत रैयतों के नाम भी होंगे अपडेटBihar News : पंचायत चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सरकार से पूछा- क्यों नहीं हो रहा समय पर चुनाव?Bihar News : वकील बने हैं तो ये खबर आपके काम की है! बिहार सरकार देगी ₹5000 महीना, आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरीBihar News: राज्यरानी एक्सप्रेस का बदला रूट, पटना नहीं सोनपुर तक जाएगी ट्रेन; इन तारीखों में शेड्यूल प्रभावितअमौर से 6 बार विधायक रहे कांग्रेस नेता अब्दुल जलील मस्तान का निधन, पार्टी में शोक की लहरBihar land : बिहार में जमीन मालिकों के लिए बड़ी खबर! जमाबंदी में होगी गड़बड़ी की जांच, मृत रैयतों के नाम भी होंगे अपडेटBihar News : पंचायत चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सरकार से पूछा- क्यों नहीं हो रहा समय पर चुनाव?Bihar News : वकील बने हैं तो ये खबर आपके काम की है! बिहार सरकार देगी ₹5000 महीना, आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरीBihar News: राज्यरानी एक्सप्रेस का बदला रूट, पटना नहीं सोनपुर तक जाएगी ट्रेन; इन तारीखों में शेड्यूल प्रभावितअमौर से 6 बार विधायक रहे कांग्रेस नेता अब्दुल जलील मस्तान का निधन, पार्टी में शोक की लहर

Bihar News : पंचायत चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सरकार से पूछा- क्यों नहीं हो रहा समय पर चुनाव?

बिहार पंचायत चुनाव में देरी को लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है। अदालत ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। जानें पूरा मामला।

Bihar news
Bihar news
© Ai photo
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News:  बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही तैयारियों और संभावित देरी के बीच मामला अब पटना हाईकोर्ट पहुंच गया है। पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बिहार सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। इस घटनाक्रम के बाद पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।


याचिका में मांग की गई है कि पंचायत चुनाव निर्धारित समय-सीमा के भीतर कराए जाएं और किसी भी स्थिति में निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद लंबे समय तक चुनाव टाला नहीं जाए। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत के सामने चुनाव में हो रही देरी को लेकर कई बिंदु रखे गए हैं।


कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनाव कराने की मांग

पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल निर्धारित अवधि के लिए होता है। ऐसे में याचिका में कहा गया है कि मौजूदा पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। याचिका में चुनाव प्रक्रिया को समय पर शुरू करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदान कराने की मांग की गई है।


मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और बिहार राज्य निर्वाचन आयोग का पक्ष जानना जरूरी समझा। इसी के तहत दोनों से जवाब तलब किया गया है। अब सरकार और आयोग की ओर से अदालत में यह स्पष्ट किया जाएगा कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है और चुनाव कराने के लिए क्या तैयारियां चल रही हैं।


सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का भी हवाला

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्देशों का भी हवाला दिया गया है। स्थानीय निकायों के चुनाव समय पर कराने और संवैधानिक प्रावधानों का पालन करने से जुड़े निर्देशों को आधार बनाते हुए याचिकाकर्ता ने बिहार में पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग की है।


याचिका में यह मुद्दा भी उठाया गया है कि चुनाव प्रक्रिया में देरी होने की स्थिति में स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसलिए चुनाव की प्रक्रिया को निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ाना जरूरी है।


परिसीमन के कारण बढ़ी चुनावी प्रक्रिया की चुनौती

बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच परिसीमन भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। पंचायत क्षेत्रों के परिसीमन के बाद संबंधित क्षेत्रों में आरक्षण की स्थिति तय की जानी है। इसके बाद मतदाता सूची से जुड़े काम और अन्य चुनावी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।


यही वजह है कि पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन के सामने कई स्तरों पर काम पूरा करने की चुनौती है। परिसीमन, आरक्षण और मतदाता सूची की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव की अंतिम तस्वीर साफ हो सकेगी।


अब सरकार और आयोग के जवाब पर नजर

पटना हाईकोर्ट की ओर से जवाब तलब किए जाने के बाद अब सबकी नजर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर है। अदालत में सरकार और आयोग की ओर से चुनाव की तैयारी, संभावित समय-सीमा और देरी के कारणों की जानकारी दी जा सकती है।


फिलहाल हाईकोर्ट के इस हस्तक्षेप ने बिहार पंचायत चुनाव के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। चुनाव समय पर होंगे या प्रक्रिया में और देरी होगी, यह आने वाले दिनों में अदालत और राज्य सरकार के रुख से काफी हद तक स्पष्ट होगा।


पंचायत चुनाव बिहार के ग्रामीण इलाकों की राजनीति और स्थानीय प्रशासन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में चुनाव की तारीख और प्रक्रिया को लेकर लाखों संभावित उम्मीदवारों और ग्रामीण मतदाताओं की नजर अब सरकार तथा राज्य निर्वाचन आयोग के अगले फैसले पर टिकी है।