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गरही थाना दारोगा प्रभात रंजन हत्याकांड में बड़ा फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद

जमुई के बहुचर्चित गरही थाना दारोगा प्रभात रंजन हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है। अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 2023 में दरोगा प्रभात रंजन की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी।

बिहार न्यूज
कोर्ट का बड़ा फैसला
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: जमुई जिले के बहुचर्चित गरही थाना दरोगा प्रभात रंजन हत्याकांड में बुधवार को अदालत ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सुधीर सिन्हा की अदालत ने अवैध बालू कारोबार से जुड़े इस मामले में तीन मुख्य दोषियों कृष्ण दास, मिथिलेश ठाकुर और पवन दास को आजीवन कारावास की सजा दी है। अदालत ने तीनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।


इसके अलावा मामले में शामिल अन्य आरोपित भुलिया उर्फ झुलिया, चिंता देवी और दशरथ दास को सरकारी कार्य में बाधा डालने का दोषी मानते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 353 के तहत दो-दो वर्ष की सजा सुनाई गई है। कोर्ट के इस फैसले के बाद पूरे जिले में चर्चा तेज हो गई है।


यह दर्दनाक घटना 14 नवंबर 2023 की है, जब दरोगा प्रभात रंजन जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत गरही थाना में पदस्थापित थे। अवैध बालू खनन और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान वे पुलिस टीम के साथ कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान बालू लदे ट्रैक्टर से कुचलकर उनकी हत्या कर दी गई थी। घटना ने न सिर्फ जिले को, बल्कि पूरे बिहार पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया था।


घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया था। लगातार जांच, गवाहों के बयान और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर यह मामला अदालत तक पहुंचा। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सभी पहलुओं पर विचार करते हुए दोषियों को सजा सुनाई।


अदालत के इस फैसले को अवैध बालू कारोबार पर एक सख्त संदेश माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्णय उन पुलिसकर्मियों के लिए न्याय है, जो जान जोखिम में डालकर अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। पुलिस प्रशासन ने भी इस फैसले को कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया की बड़ी जीत बताया है।


रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Dhiraj Kumar Singh

FirstBihar संवाददाता